सांसद आदर्श ग्राम रांगा का केवीके ने किया सर्वे

बदहाल है सिंचाई के अभाव में कृषि व्यवस्थाप्रतिनिधि, दुमकादुमका सांसद द्वारा आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए चयनित मसलिया प्रखंड के रांगा गांव का बेसलाइन सर्वे बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किया गया. सर्वे करने पहुंचे कृषि कार्यक्रम समन्वयक सह कृषि वैज्ञानिक डॉ श्रीकांत सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र में […]

बदहाल है सिंचाई के अभाव में कृषि व्यवस्थाप्रतिनिधि, दुमकादुमका सांसद द्वारा आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए चयनित मसलिया प्रखंड के रांगा गांव का बेसलाइन सर्वे बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किया गया. सर्वे करने पहुंचे कृषि कार्यक्रम समन्वयक सह कृषि वैज्ञानिक डॉ श्रीकांत सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र में सिंचाई के अभाव में कृषि की स्थिति दयनीय है. इस गांव के पांच टोलों में 280 घर है, जिसमें संताल, बंगाली, मोहली, पहाडि़या आदि परिवार हैं, जो वर्षा पर निर्भर हैं. उन्होंने बताया कि एक फसली कृषि के कारण आर्थिक स्थिति जर्जर है और क्षेत्र में पानी के सभी श्रोत लगभग सूख चुके हैं. बंगाली टोला, नारायणपुर टोला, छाता टोला, पता टोला एवं आम डंगाल में क्रमश 140, 80,20,20 एवं 30 परिवार रहते हैं. ग्राम प्रधान लखींदर मरांडी के अनुसार गांव में धान, मकई की खेती प्रमुख फसलों के रूप में की जाती हैै. संताल कृषक मुख्यत: सूकरपालन एवं धान खेती करते हैं. बेसलाइन सर्वे के बाद कृषि विज्ञान केंद्र कृषि तकनीकी प्रशिक्षण का आयोजन करके खरीफ में प्रत्यक्षण की योजना बना रहा है. जिसके लिए गांव के 50 कृषकों को केविके में ट्रेनिंग दी जायेगी. कृषकों के चयन की जिम्मेदारी कार्तिक चंद्र नंदी, सुभाषचंद्र नंदी, प्रकाश मरांडी, रूपेश सोरेन को दी गई है. कृषकों की सूची को ग्राम प्रधान से अनुमोदन कर एक सप्ताह के अंदर केविके को समर्पित किया जाना है. सर्वे में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के डॉ सुनील कुमार भी मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >