संवाददाता, दुमकाउपराजधानी दुमका में पांच-छह साल पहले बने एग्रो टेक्नोलोजी पार्क की अब तक उपयोगिता सुनिश्चित नहीं हो सकी है. इस पार्क का उद्देश्य बागवानी के आधुनिक तकनीक से किसानों को अवगत कराना तथा उद्यान को बढ़ावा देकर किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की थी. इतना लंबा समय गुजर जाने के बाद शायद ही इस पार्क में उद्यान या फिर कृषि विभाग किसी तरह का प्रशिक्षण किसानों के लिए आयोजित कर सका है. बहरहाल पार्क में हाल के महीनों में कुछ पौधे जरुर लगाये गये हैं, लेकिन प्रशिक्षण आदि दिलाने को लेकर कोई पहल यहां नही हुई है. सहायक निदेशक उद्यान भी मानते हैं कि अभी भी इस पार्क को विकसित करने में दो-तीन साल तक का वक्त लग सकता है. अक्सर नदारद रहते हैं पदाधिकारीइसी एग्रो टेक्नोलोजी पार्क में जिला उद्यान पदाधिकारी का कार्यालय भी है. इस पद पर ओमप्रकाश चौधरी पदस्थापित हैं, लेकिन इस कार्यालय में वे अस्र नदारद रहते हैं. सोमवार को भी वे कार्यालय में नही थे. सहायक निदेशक ने बताया कि वे 17 अप्रैल को रांची में हुई बैठक में शामिल होने गये थे. अभी तक वे क्यों नही लौटे, इसकी सूचना उन्होंने नही दी है.अश्लिल बातों से कर दिया दीवाल बदरंगकरोड़ो रुपये खर्च कर बहुत बड़े भूखंड में बनाये गये इस एग्रो टेक्नोलोजी पार्क का मुख्य गेट, भवन और फिर उद्यान बहुत ही खूबसूरत बना था. लेकिन अपेक्षित उपयोग औरदेखरेख नहीं होने से पार्क की दीवारे अश्लिल बाते लिख-लिख कर असामाजिक तत्वों द्वारा बदरंग कर दी गयी है. ——————-फोटोएग्रो पार्क 1/2———————-
अब तक नहीं मिल पाया किसानों को एग्रो टेक्नोलोजी पार्क से किसी तरह का लाभ
संवाददाता, दुमकाउपराजधानी दुमका में पांच-छह साल पहले बने एग्रो टेक्नोलोजी पार्क की अब तक उपयोगिता सुनिश्चित नहीं हो सकी है. इस पार्क का उद्देश्य बागवानी के आधुनिक तकनीक से किसानों को अवगत कराना तथा उद्यान को बढ़ावा देकर किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की थी. इतना लंबा समय गुजर जाने के बाद शायद […]
