प्रतिनिधि, दुमका झारखंड विकलांग संघर्ष मोरचा की केंद्रीय समिति द्वारा रांची में किये गये धरना प्रदर्शन के उपरांत शामिल हुए दुमका के नि:शक्त वापस लौट आये. मोरचा के सदस्यों ने बताया कि इस आंदोलन के जरिये नि:शक्तों के अनुदान राशि को 1500 रुपये करने, बीपीएल से जोड़ कर सदर अस्पताल में विकलांग प्रमाण पत्र के साथ रेलवे के रियायती पास निर्गत करने, सभी सरकारी व गैर सरकारी योजनाओं में नि:शक्तों की भागीदारी सुनिश्चित करने, राज्य में अविलंब नि:शक्त आयोग का गठन करने, स्वरोजगार के लिए ऋण मुहैया कराने, नि:शक्तों के बच्चों के लिए प्रमंडल में सरकारी आवासीय विकलांग विद्यालय बनाये जाने, राज्य के सभी विकलांग पूर्नवास केंद्रों को सुचारु ढंग से चालू करने, नि:शक्त बच्चों को सरकारी व गैर सरकारी स्कूल व कालेज में नि:शुल्क शिक्षा एवं छात्रवृत्ति देने, नि:शक्त खेलकूद एकेडमी का गठन करने, सभी जिलों में विकलांग विश्रामालय खोलने, बड़े छोटे वाहनों में किरायों में छूट व दो सीट आरक्षित करने की व्यवस्था करने, नि:शक्तों को स्वास्थ्य बीमा से जोड़ने, सार्वजनिक सरकारी, गैरसरकारी भवन में रैम्प की व्यवस्था करने, आवास के साथ साथ बाधा रहित शौचालय की व्यवस्था करने की मांग की गयी. दुमका से इस आंदोलन में केंद्रीय अध्यक्ष मोहन कुमार साह, सचिव शिवानंद मिश्रा, मीडिया प्रभारी विकास चंद्र दास, सलाहकार मो फारूक अंसारी, गिरधारी झा, हेमंत श्रीवास्तव, जयंत महतेा, निरंजन दास, शीला मुर्मू, प्रीयतम सिंह, केशवशील भारती आदि शामिल हुए थे…………………………..
राज्यपाल तक अपनी मांगों को पहुंचा कर दुमका लौटे नि:शक्त
प्रतिनिधि, दुमका झारखंड विकलांग संघर्ष मोरचा की केंद्रीय समिति द्वारा रांची में किये गये धरना प्रदर्शन के उपरांत शामिल हुए दुमका के नि:शक्त वापस लौट आये. मोरचा के सदस्यों ने बताया कि इस आंदोलन के जरिये नि:शक्तों के अनुदान राशि को 1500 रुपये करने, बीपीएल से जोड़ कर सदर अस्पताल में विकलांग प्रमाण पत्र के […]
