दुमका : डॉ सिन्हा ने बताया कि विधि की पढ़ाई को सामान्यत: अधिवक्ता पेशे से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन आज के दौर में इसकी पढ़ायी काफी महत्वपूर्ण हो गयी है. कंपनियों में कानूनी सलाहकार बनने से लेकर न्यायिक सेवा के विभिन्न पदों पर लॉ ग्रेजुएट का ही चयन किया जाता है.
इसके अलावा कॉरपोरेट सेक्टर व लीगल लॉ फर्म के अलावा लीगल एजुकेशन के क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं. कैरियर इन्हान्समेंट के लिए भी लॉ की पढ़ाई बहुत महत्वपूर्ण साबित हो रही है. कंज्यूमर लॉ, सिविल लॉ, क्रिमिनल लॉ, साइबर लॉ, ह्यूमन राइट्स लॉ, कंपनी लॉ, टैक्सेशन और वूमेन लॉ जैसे विषयों में विशेष दक्षता हासिल कर कैरियर को खास दिशा दी जा सकती है.
डॉ सिन्हा ने बताया कि संताल परगना के प्रमंडलीय मुख्यालय में उच्च न्यायालय की खंडपीठ भी प्रस्तावित है, जिससे विधि व्यवसाय को यहां काफी विस्तार मिलने की संभावना है. पंचायती राज, सहभागी शासन और पंचायतों में न्याय मित्र की परिकल्पना को साकार करने में भी आनेवाले समय में विधि जानकारों की भूमिका अहम होगी.
