एक स्कूल में पढ़ाते हैं तो दूसरा रहता है बंद छात्रों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़प्र्रतिनिधि, सरैयाहाटएक ओर जहां बच्चों में गुणवत्तापूर्ण व बेहतर शिक्षा के लिए सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, तो वहीं दूसरी ओर सरैयाहाट में यह स्थिति है कि एक शिक्षक के भरोसे दो उत्क्रमित उच्च विद्यालय चल रहा है. यह बदहाली दिग्घी व ककनी उत्क्रमित उच्च विद्यालय की है. जिसमें साइंस के एक शिक्षक मो फारूक आलम हैं. जो मंगलवार व गुरुवार को दिग्घी तथा शुक्रवार व शनिवार को ककनी विद्यालय में पढ़ाते हैं. बाकी बचे दो दिन राजकीय कृत उच्च विद्यालय सरैयाहाट में पढ़ाते हैं. ककनी विद्यालय में 151 बच्चे हैं. वहीं दिग्घी स्कूल में 350 बच्चे है जिसमें 170 बच्चों ने मैट्रिक की परीक्षा दी है. अगर उक्त शिक्षक दिग्घी विद्यालय में पढ़ाते हैं तो ककनी विद्यालय बंद हो जाता है. अगर ककनी में पढ़ाते हैं तो दिग्घी स्कूल बंद हो जाता है. छुट्टी पर गये तो दोनों ही विद्यालय बंद रहता है. जिससे बच्चों का पठन-पाठन ठप हो जाता है. सरकार इन बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ कर रही है. सरकारी स्कूल का यह रवैया देख अभिभावक अपने बच्चे के भविष्य को लेकर परेशान हैं. इसलिए अभिभावक मजबूरन प्राइवेट स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाई कराने को विवश होते हैं.–फोटो-सरैयाहाट
पेज-3// टॉप बॉक्स//// तीन विद्यालयों में पढ़ाते हैं सिर्फ एक शिक्षक
एक स्कूल में पढ़ाते हैं तो दूसरा रहता है बंद छात्रों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़प्र्रतिनिधि, सरैयाहाटएक ओर जहां बच्चों में गुणवत्तापूर्ण व बेहतर शिक्षा के लिए सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, तो वहीं दूसरी ओर सरैयाहाट में यह स्थिति है कि एक शिक्षक के भरोसे दो उत्क्रमित उच्च […]
