अधिवक्ताओं ने किया पेन ड्रॉप स्ट्राइक

दुमका : अधिवक्ताओं पर विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे जानलेवा हमले एवं रांची मे एक अधिवक्ता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के विरोध में झारखंड बार काउंसिल के आह्वान पर जिला अधिवक्ता संघ दुमका के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को अपने को न्यायिक कार्य से अलग रखकर विरोध जताया़ दुमका में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष […]

दुमका : अधिवक्ताओं पर विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे जानलेवा हमले एवं रांची मे एक अधिवक्ता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के विरोध में झारखंड बार काउंसिल के आह्वान पर जिला अधिवक्ता संघ दुमका के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को अपने को न्यायिक कार्य से अलग रखकर विरोध जताया़
दुमका में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गोपेश्वर प्रसाद झा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं द्वारा संघ के उतरी तल भवन पर शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें अधिवक्ताओं के साथ हो रही घटनाओं पर आक्रोश व्यक्त करते हुए इसकी तीव्र भर्त्सना की गई और दिवंगत अधिवक्ता की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया़ इसके उपरांत संघ के अध्यक्ष एवं महासचिव सुबोध चंद्र मंडल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल ने दुमका के पुलिस अधीक्षक अनुप टी मैथ्यू के साथ मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपकर दुमका के अधिवक्ताओं की सुरक्षा की गुहार लगाई़
जिसपर एसपी ने अधिवक्ता संघ भवन के आस पास न्यायालय अवधि के दौरान पुलिस बल की तैनाती एवं एसबीआइ के पीछे वाली गली मे आवांछित वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का आश्वासन दिया़
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों रांची में कोर्ट से घर वापसी के क्रम में अधिवक्ता विरेंद्र कुमार सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी थी़ इधर अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से अलग हो जाने के कारण इसका असर कोर्ट पर भी पड़ा है़ न्यायालय परिसर में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा़ मौके पर अध्यक्ष एवं महासचिव के अलावे संघ के कोषाध्यक्ष विमलेंदु कुमार, सहायक कोषाध्यक्ष महादेव महतो, संयुक्त सचिव अमर कुमार मंडल, संघ के प्रवक्ता कुमार प्रभात, कार्यकारिणी सदस्य विद्यापति झा, विभूति भूषण झा आदि मौजूद थे.
मिहिजाम : नगर पंचायत कार्यालय मिहिजाम में भ्रष्टाचार इस चरम पर है कि वहां हर काम के लिए रिश्वत देनी पड़ती है. नहीं देने पर फाइल आगे बढ़ती ही नहीं है. इस मुद्दे को मिहिजाम नागरिक विकास मंच शुक्रवार को जोरदार तरीके से उठाया. मंच के लोग स्टेशन चौक पर धरना पर बैठ गये. यह धरना पोल खोल कार्यक्रम के तहत आयोजित की गयी थी. मंच के लोगों ने अपनी मांगों से संबंधित एक पत्र कार्यपालक पदाधिकारी को भी सौंपा.
मौके पर सैकड़ों की संख्या में शहर के लोग मौजूद थे. मंच का कहा है कि नगर पंचायत में हुए गरीबों के आवास आवंटन में करोड़ों रुपये के घोटाले और उस पर शिथिल कार्रवाई के मसले को उठाया. कहा : घोटाले के लिए सिर्फ पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी सुभाष चंद्र निगम अकेले जिम्मेवार नहीं है बल्कि कई जनप्रतिनिधि और कर्मी भी शामिल हैं. जिन्होंने गरीबों के रुपये डकार लिये. इनके विरुद्ध भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए. कहा : नगर पंचायत कार्यालय में भ्रष्टाचार पर जिला प्रशासन अब भी चुप्पी साधे हुए है. प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा.

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