संवाददाता, दुमकाजिले के जरमुंडी प्रखंड के हरिपुर इलाके की एक सेक्स वर्कर ने उपायुक्त को आवेदन देकर दलदल भरी जिंदगी से उबारने के लिए प्रशासनिक सहायता प्रदान करने की गुहार लगायी है. उसने अपने आवेदन में जिंदगी की दर्द भरी दास्तां बताते हुए कहा है कि पेट की आग बुझाने के लिए वह देह व्यापार के गलत धंधे में उतर गयी थी और दुमका बस स्टैंड में सेक्स वर्कर का काम करने लगी थी. इस दौरान उसे एक व्यक्ति ने अपने पास रख लिया था, लेकिन कुछ दिनों के बाद उसे छोड़ दिया. उसने एक बेटी को भी जन्म दिया, जो 12 साल की हो चुकी है. वह अपनी बेटी को इस ‘नरक’ में पड़ने नहीं देना चाहती. वह चाहती है कि उसकी बेटी पढ़-लिखकर समाज में अपना स्थान बना ले, उसके पाप की छाया बेटी के जीवन में नहीं पड़े. लिहाजा आज वह खुद इससे बाहर निकलना चाहती है और अपनी नाबालिग बेटी को शिक्षित बनाना चाहती है. महिला ने अपनी बेटी के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में नामांकन करवाने की गुहार लगायी है. फिलहाल वह अपनी बेटी को दुमका शहर से सटे एक प्राईवेट स्कूल में पढ़ा रही है.कस्तूरबा में नामांकन होने से बिना खर्च के वह पढ़ायी पूरी कर सकेगी.
टॉप बॉक्स// पेट की आग ने बनाया सेक्सवर्कर/ सेक्सवर्कर ने की फरियाद, कहा: नहीं डालना चाहती बेटी को इस नरक में, कस्तूरबा विद्यालय में दाखिला करवाने की गुहार
संवाददाता, दुमकाजिले के जरमुंडी प्रखंड के हरिपुर इलाके की एक सेक्स वर्कर ने उपायुक्त को आवेदन देकर दलदल भरी जिंदगी से उबारने के लिए प्रशासनिक सहायता प्रदान करने की गुहार लगायी है. उसने अपने आवेदन में जिंदगी की दर्द भरी दास्तां बताते हुए कहा है कि पेट की आग बुझाने के लिए वह देह व्यापार […]
