लोग लाइन लगा कर पानी लेने को विवशप्रतिनिधि, रानीश्वरबिलकांदी पंचायत के पश्चिम बंगाल सीमा से सटा हुआ गांव संथाली चाउलिया में पचास परिवार एक ही चापानल के भरोसे जीने को विवश हैं़ करीब ढ़ाई सौ की आबादी वाले इस गांव में कुल तीन चापानल हैं. गांव के बाहर प्राथमिक स्कूल परिसर में एक तथा गांव के दो टोले में दो अलग-अलग चापानल है़ नीचे टोले का चापानल खराब है़ स्कूल के चापानल से बहुत ही कम पानी निकलता है़ गरमी का मौसम शुरू हो गया़ अब स्कूली बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ेगी़ उपर टोले के चापानल से ज्यादा समय तक प्रयास करने के बाद पानी निकलता है़ उसी चापानल से पीने के लिए पूरे गांव के लोग पानी लेते हैं़ एक ही चापानल में पानी भरने को लेकर महिलाओं को लाइन लगाना पड़ता है़ स्नान करने, कपड़ा धोने तथा मवेशियों को पानी पिलाने के लिए गांव के बाहर जोरिया के गंदे पानी के भरोसे रहना पड़ता है़ गांव के सुफला किस्कू, तुलसी मरांडी, रसोमनी हेम्ब्रम, सरस्वती मुर्मू ने बताया कि यहां चापानल खराब होकर लंबे समय से पड़ा हुआ है पर विभाग द्वारा मरम्मती भी नहीं कराया जा रहा है़ वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से चापानल को मरम्मत कराने की मांग की है. जिससे लोगों की परेशानी दूर हो सके.————————–फोटो 3 डीएमके/रानीष्वर संथाली चाउलिया में पानी के लिए कतार में महिलाएं व स्कूल में खराब चापानल
संथाली चाउलिया के पचास परिवार एक ही चापानल के भरोसे
लोग लाइन लगा कर पानी लेने को विवशप्रतिनिधि, रानीश्वरबिलकांदी पंचायत के पश्चिम बंगाल सीमा से सटा हुआ गांव संथाली चाउलिया में पचास परिवार एक ही चापानल के भरोसे जीने को विवश हैं़ करीब ढ़ाई सौ की आबादी वाले इस गांव में कुल तीन चापानल हैं. गांव के बाहर प्राथमिक स्कूल परिसर में एक तथा गांव […]
