दुमका : सानजोर जलाशय के लगातार गिरते जलस्तर का प्रभाव दुमका के शहरी जलापूर्ति योजना पर दिखने लगा है. बास्कीचक में शहरी जलापूर्ति योजना के लिए बनवाये गये इंटेक वेल में इन दिनों पानी नहीं पहुंच पा रहा है. पानी की विकट समस्या को देखते हुए बास्कीचक में उक्त इंटेकवेल के पास चैनल कटिंग कर पानी लाने की कोशिश की जा रही है.
गुरुवार की सुबह नगर पर्षद अध्यक्ष अमिता रक्षित की अगुआई में एक टीम ने बास्कीचक पहुंच कर वहां घटते जलस्तर से जलापूर्ति योजना पर पड़ रहे बुरे प्रभावों को देखा. श्रीमती रक्षित ने बताया कि मसानजोर डैम का गेट लगातार खोल देने से पानी का स्तर गिरता जा रहा है. इसी का परिणाम है कि इंटेक वेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है. गुरुवार से ज़ेसीबी लगा कर व चैनल कटावा कर पानी को इंटेक वेल तक लाने का कार्य कराया जा रहा है. श्रीमती रक्षित ने बताया कि दो दिनों तक शहरवासियों को पानी नहीं मिल पायेगा. उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि पानी की बर्बादी ना करें, इसी तरह पानी की बर्बादी होती रही तो आने वाले समय में शहरवासियों को पानी उपलब्ध कराना मुश्किल हो जायेगा.
इस दौरान श्रीमती रक्षित के साथ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता मंगल पूर्ति, कार्यपालक पदाधिकारी ज्योति कुमार सिंह, जलापूर्ति योजना की देख-रेख करने वाली शिल्पी कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि विमलेश कुमार आदि मौजूद थे.
डैम का गेट बंद नहीं हुआ, तो बढ़ेगा जलसंकट
पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता मंगलपूर्ति जल आपूर्ति के लिए बनवाये गये जलमीनार को साफ करवाने का भी निर्देश दिया है. वहीं इंटेक वेल तक सीधे रूप में पानी पहुंचाने को लेकर जेसीबी मशीन द्वारा 20 फीट चौड़ा व 30 फीट गहरे नाली का निर्माण कराया जा रहा है. श्री पूर्ति ने कहा कि जब तक मसानजोर का फाटक बंद नहीं किया जायेगा तब तक पानी का स्तर गिरता जायेगा. श्रीमती रक्षित ने बताया कि पहली बार 3 फीट पानी का स्तर गिरा है. इससे पहले भी कंट्रक्शन द्वारा 13 फरवरी व 16 मार्च को जेसीबी लगाकर जमीन को गहरा कर पानी एकत्रित करने की व्यवस्था की गई थी.
