दुमका : हार्डकोर नक्सली जेम्स मुमरू बुधवार को उस वक्त न्यायालय में पेशी के बाद अचानक बीमार पड़ गया, जब उसे वापस सेंट्रल जेल लाया जा रहा था. जेम्स मुमरू के हाथ में हथकड़ी लगी थी और उसका रस्सा एक पुलिस जवान थामे हुए था. उसके इर्द-गिर्द काफी सुरक्षा भी थी.
इसी दौरान उसने अपनी जेब से कुछ निकाला और निगल गया, जिसके चंद मिनट के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. उल्टी होने के साथ-साथ वह बेहोश भी हो गया. पहले उसे सुरक्षा में भेजे गये पुलिस जवान वापस जेल लेते आये, फिर उसे सदर अस्पताल ले जाया गया. जहां वह अचेतावस्था में था. स्थिति ऐसी हो गयी थी कि शौच जाने के बाद वह बाथरूम में से उठ भी नहीं पा रहा था.
रिम्स ले जाने का आदेश
जेल अधीक्षक एम हसन के अनुरोध पर न्यायालय ने जेम्स मुमरू को बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स ले जाने की अनुमति प्रदान कर दी है. जेम्स को जब सदर अस्पताल लाया गया था, तो पुलिस एलर्ट थी. जेल अधीक्षक एम हसन व जेलर उपानंद गुप्ता के अलावा एसआई फागू होरो भी सदर अस्पताल में मौजूद थे.
जेम्स पर चल रहे चार मामले
जेम्स मुमरू के खिलाफ कई नक्सली वारदातों से संबंधित मामले चल रहे हैं. मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उसके विरूद्ध तीन न्यायालयों में कुल चार मामले लंबित हैं. इनमें शिकारीपाड़ा थाना कांड संख्या 53/10, सत्रवाद संख्या 21/13 और शिकारीपाड़ा थाना कांड संख्या 50/10 सत्रवाद संख्या 155/13 में बुधवार को उसकी पेशी हुई थी. ये दोनो मामले एडीजे-2 की अदालत में चल रहे हैं, जबकि अन्य दो क्रमश: सीजेएम व एडीजे-3 की अदालत में विचाराधीन हैं.
क्या कहते हैं डॉक्टर
‘जेम्स मुमरू को फीट लग गया है. फूड प्वॉयजनिंग का भी यह केस हो सकता है. ऐसे मामलों में तुरंत लक्षण से स्पष्ट नहीं हो पाता. जब वह लाया गया था, तब बेहोश था. उसने क्या खाया है, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी है, यह भी अभी पता नहीं चल पाया है. जांच की गयी है. उल्टी हुई है. उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है.’
– डॉ आरके सिंह
