गेहूं की फसल समेत सब्जी उत्पादकों को भी हुई क्षतिसंवाददाता, दुमकाउपराजधानी दुमका में पिछले पांच-छह दिनों में हुई बे मौसम बारिश व तेज हवा ने कृषि को काफी नुकसान पहुंचाया है. अधिकांश किसानों ने अभी अपने खेतों से गेहूं की फसल को नहीं काटा है. फसल अभी पकने की अवस्था में है. ऐसे में प्राय: हर दिन हो रही घंटे-आधे घंटे की मूसलाधार बारिश फसल को बरबाद कर रही है. खेतों में पानी भर जाने तथा पौधों व गेहूं की बालियों के गिर जाने से बालियों में फंगस लग जा रहा है और दाने सड़ जा रहे हैं. किसानों के सामने परेशानी यह भी है कि वह चाह कर भी अभी फसल को काट नहीं पा रहे हैं क्योंकि फसल अभी पूरी तरह पक कर सूखी नहीं है. ऐसे में पहले उसे काट लिया जाता है, तो नमी से उसके दाने खराब हो जायेंगे और उससे उसकी उन्हें अच्छी कीमत नहीं मिल पायेगी. —————–टमाटर, फ्रेंचबीन, बैंगन, भिंडी को भी नुकसानइस बारिश से टमाटर, फ्रेंचबीन, बैंगन व भिंडी को भी नकुसान हुआ है. पांच दिनों के पूर्व जो ओला वृष्टि हुई थी, उसका असर अब इन सब्जियों के पौधे एवं फलों में दिखने लगा है. सब्जियां सड़ने लगी हैं और ओले की चोट से उसका रंग-रुप भी खराब हो गया है.——————झड़ गये आम व लीची के मंजरइस बारिश व ओला वृष्टि से अधिकांश आम के वृक्षों मे आधे भी टिकोले नहीं बचे हैं. ओला से टिकोले में भी चोट आयी है. उसका असर है कि पांच दिन गुजरने के बाद भी टिकोले झड़ रहे हैं. कृषि वैज्ञानिक डॉ श्रीकांत सिंह की माने तो अगर पंद्रह दिनों के बाद बारिश होती, तो सभी किसानों को लाभ मिलता. बागवानी के लिए वह बेहतर होता, तो गरमा मूंग, कद्दू, कोहड़ा लगाने वालों को भी सहूलियत होती. गेेहूं भी तब तक पूरा कट गया होता.———————फोटो1-दुमका-कृषि
बेमौसम बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर
गेहूं की फसल समेत सब्जी उत्पादकों को भी हुई क्षतिसंवाददाता, दुमकाउपराजधानी दुमका में पिछले पांच-छह दिनों में हुई बे मौसम बारिश व तेज हवा ने कृषि को काफी नुकसान पहुंचाया है. अधिकांश किसानों ने अभी अपने खेतों से गेहूं की फसल को नहीं काटा है. फसल अभी पकने की अवस्था में है. ऐसे में प्राय: […]
