21 माह बाद स्कूल में पून: शुरू हुआ एमडीएम,बच्चों में खुशी

प्रतिनिधि, मसलियाप्रखंड के बेलगंजिया उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 21 महीने के बाद बच्चों को एमडीएम मिलने पर काफ ी खुशी देखा गया. विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सह सचिव महेश चंद झा से मिली जानकारी के अनुसार स्कूल में 76 बच्चों का नामांकन है. वर्ष 2005 से स्कूल में एमडीएम चालू हुआ था. उस समय सरस्वती […]

प्रतिनिधि, मसलियाप्रखंड के बेलगंजिया उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 21 महीने के बाद बच्चों को एमडीएम मिलने पर काफ ी खुशी देखा गया. विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सह सचिव महेश चंद झा से मिली जानकारी के अनुसार स्कूल में 76 बच्चों का नामांकन है. वर्ष 2005 से स्कूल में एमडीएम चालू हुआ था. उस समय सरस्वती वाहिनी माता समिति की ओर से रसोइया शुभंकरी देवी व शिवानी झा का चयन किया गया था. जून 2013 तक दोनों ने स्कूली बच्चों का एमडीएम नियमित चलाया. लंबी अवधि के बाद रसोइया को एक हजार रुपये मानदेय सरकार की ओर से देना शुरू किया,तो गांव में रसोइया पद को लेकर विवाद बढ़ गया. बेलगंजिया के लोग रसोइया शुुभंकरी देवी व शिवानी झा को हटाने की मांग करने लगे. रसोइया का विवाद उसी समय से चलते रहा. जुलाई 2013 से 29 मार्च 2015 तक उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलगंजिया में स्कू ली बच्चों का एमडीएम बंद रहा. प्रभात खबर में छपी खबर के असर पर 21 महीने के बाद शिक्षा विभाग की नींद टूटी. जिसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से पुन: रसोइया के पद पर शुभंकरी देवी व शिवानी झा को रखकर स्कूल में खाना बनाकर बच्चों को खिलाने का निर्णय लिया. 30 मार्च 2015 सोमवार क ो स्कू ल के बच्चों क ो खाना मिलने पर काफ ी खुशी देखी गयी. ग्राम शिक्षा समिति अध्यक्ष मतिलाल सोरेन,संयोजिका जयंती झा आदि ने बताया कि स्कूल में 76 बच्चें के बदले मात्र एक पारा शिक्षक महेश चंद झा पदस्थापित है. जबकि बेलगंजिया स्कूल में आठ पद स्वीकृत है. शिक्षक कमी के कारण बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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