प्रतिनिधि, दुमका भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ भारती की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) द्वारा 17 मार्च को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष रोषपूर्ण प्रदर्शन किया जायेगा. इसका निर्णय बुधवार को श्रीअमड़ा में हुई जिला कमेटी की बैठक में लिया गया. कालेश्वर हेंब्रम की अध्यक्षता वाली इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदर्शन में बाबूपुर मौजा के मील मालिकों द्वारा आदिवासियों की जमीन एवं तालाब को प्रदूषित करने का भी विरोध किया जायेगा. साथ ही इन्हीं मुद्दों को लेकर 10 मार्च को गोपीकांदर में तथा 12 को दुमका प्रखंड में धरना प्रदर्शन किया जायेगा. सचिव ऐहतेशाम अहमद ने कहा कि 1994 के प्रचलित कानून को 2013 में बदलकर नया कानून बनाया गया. लेकिन भाजपा की सरकार ने 2014 में इसे बदलकर किसान व रैयत विरोधी बना दिया. उन्होंने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस गुजरात मॉडल का मोदी राग अलापते हैं, उसी गुजरात में 1947 से 2004 के बीच सरकारी गजट की अधिसूचनाओं पर विभिन्न परियोजनाओं के लिए 32 लाख हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है. इस अधिग्रहण से लगभग 25 लाख लोग विस्थापित हुए हैं और अब झारखंड में भी जबरन अधिग्रहण से लोग विस्थापन का दंश झेलने को मजबूर हैं. उन्होंने भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को केवल किसानों और रैयत विरोधी ही नहीं, बल्कि देश की जनता की कुर्बानियों पर हमला है. मौके पर मोइन अंसारी, मो रूस अंसारी, कालेश्वर हेंब्रम, अखिलेश झा, सुभाष हेंब्रम, धुनांय मरांडी आदि मौजूद थे.
भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ माकपा का रोषपूर्ण प्रदर्शन 17 मार्च को
प्रतिनिधि, दुमका भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ भारती की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) द्वारा 17 मार्च को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष रोषपूर्ण प्रदर्शन किया जायेगा. इसका निर्णय बुधवार को श्रीअमड़ा में हुई जिला कमेटी की बैठक में लिया गया. कालेश्वर हेंब्रम की अध्यक्षता वाली इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदर्शन में बाबूपुर […]
