संवाददाता, दुमकापहली बार रेल बजट में किसी भी नई ट्रेन की घोषणा नहीं होने से जहां लोगों में निराशा है, वहीं इस बात को लेकर वे आशान्वित भी है कि सरकार ने अगर रेलवे के ढांचागत सुधार को लेकर नीति बनायी है, तो निश्चित तौर पर उसका लाभ मिलेगा. महंगाई के इस दौर में रेल किराया न बढ़ाने के फैसले को भी लोग बढ़ी राहत मान रहे हैं.——————-समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी ने रेल बजट पर पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि पिछले दस वर्षों में रेल बजट में सिर्फ घोषणाएं ही होती रही थी. इस बार घोषणाओं की बजाय बजट में बेहतर सुविधाओं पर ध्यान दिया गया है. महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान, सीसीटीवी लगाये जाने, सीनियर सिटिजन को लोअर बर्थ देने जैसी बातें अहम है. ——————-झारखंड विकास मोरचा के केंद्रीय समिति सदस्य पिंटू अग्रवाल ने कहा कि इस रेल बजट में लोगों को उम्मीद थी कि झारखंड को बड़ा तोहफा मिल सकता है, पर उम्मीदों पर पानी फिर गया है. ——————–छात्र चेतना संगठन के केंद्रीय प्रमुख हिमांशु मिश्रा ने कहा कि इस बार रेल बजट पेश हुआ है, वह कई मायने में अलग है. अगर संरचना को सुदृढ़ किया गया, तो इसका प्रभाव अनुकूल पड़ेगा.———————
रेल बजट// घोषणा वाली नहीं, व्यवस्था सुदृढ़ करने वाली रेल बजट
संवाददाता, दुमकापहली बार रेल बजट में किसी भी नई ट्रेन की घोषणा नहीं होने से जहां लोगों में निराशा है, वहीं इस बात को लेकर वे आशान्वित भी है कि सरकार ने अगर रेलवे के ढांचागत सुधार को लेकर नीति बनायी है, तो निश्चित तौर पर उसका लाभ मिलेगा. महंगाई के इस दौर में रेल […]
