रानीश्वर: प्रखंड के सिंचित इलाके के किसान इनदिनों गरमा धान रोपनी की तैयारी में जुट गये हैं. किसान अपने स्तर से ही खेती कर रहे हैं. गरमा धान की खेती के लिए किसानों को सरकारी स्तर से और न ही कृषि विभाग की ओर से कोई सहायता नहीं मिल रही है. किसानों को खाद बीज या तकनीकी जानकारी तक नहीं मिल रही है. हकिगतपुर गांव के किसान रफिक खान ने बताया कि खरीफ की धान की खेती से गरमा धान की खेती में ज्यादा उत्पादन होता है. गरमा धान की खेती में किसानों को झुंकी भी लेना पड़ता है. धान पकने के समय आंधी तूफान का प्रकोप किसानों को झेलना पड़ता है. इसके अलावा कीट का प्रकोप भी ज्यादा होता है. प्रखंड स्तर पर किसानों को कृषि से संबंधित तकनीकी ज्ञान देने के लिए आत्मा की ओर से कृषि तकनीकी केंद्र खोला गया है. तथा किसानों को कीटों से रक्षा पाने के लिए पौधा संरक्षण केंद्र भी खेाला गया है. यहां एक पर्यवेक्षक भी प्रतिनियिुक्त किया गया है. पर पौधा सरंक्षण केंद्र पर किसी भी प्रकार की दवा या छिड़काव मशीन उपलब्ध नहीं रहने के कारण किसानों को पौधा सरंक्षण विभाग का लाभ नहीं मिल पाता है……फोटो 22 डीएमके/रानीश्वर 1रानीश्वर के सिंचित इलाके में लगा गरमा धान की फसल
गरमा धान की खेती में जुटे रानीश्वर के किसान
रानीश्वर: प्रखंड के सिंचित इलाके के किसान इनदिनों गरमा धान रोपनी की तैयारी में जुट गये हैं. किसान अपने स्तर से ही खेती कर रहे हैं. गरमा धान की खेती के लिए किसानों को सरकारी स्तर से और न ही कृषि विभाग की ओर से कोई सहायता नहीं मिल रही है. किसानों को खाद बीज […]
