नि:शक्त वंदना को डॉ लुइस मरांडी ने दिया मदद का भरोसा

आइएएस बनना चाहती है वंदनासंवाददाता, दुमकादोनों हाथों से नि:शक्त रहने के बावजूद लैपटॉप पर पैरों से ही काम करने वाली तथा शिक्षा और ललित कला के क्षेत्र में प्रतिभा की धनी डंगालपाड़ा की वंदना ने समाज कल्याण मंत्री डॉ लुइस मरांडी से मुलाकात की तथा बताया कि वह स्वावलंबी बनना चाहती है. कोई ऐसा जॉब […]

आइएएस बनना चाहती है वंदनासंवाददाता, दुमकादोनों हाथों से नि:शक्त रहने के बावजूद लैपटॉप पर पैरों से ही काम करने वाली तथा शिक्षा और ललित कला के क्षेत्र में प्रतिभा की धनी डंगालपाड़ा की वंदना ने समाज कल्याण मंत्री डॉ लुइस मरांडी से मुलाकात की तथा बताया कि वह स्वावलंबी बनना चाहती है. कोई ऐसा जॉब करना चाहती है, जिससे वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके. उसने बताया कि उसकी तमन्ना आइएएस बनने की है. जिस पर मंत्री डॉ लुइस मरांडी ने उसे आइएएस की तैयारी के लिए सभी आवश्यक पुस्तकें और दूरस्थ शिक्षा के जरिये कोचिंग का लाभ दिलाने को लेकर हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि वह उन पुस्तकों की सूची दे, जिससे वह तैयारी करना चाहती है, उन सारी पुस्तकों को वह उपलब्ध करवायेगी. ————राष्ट्रपति के हाथों भी हो चुकी है सम्मानितवंदना इग्नू से स्नातक की परीक्षा में अपने श्रेणी में पूरे देश भर में प्रथम रहीं थी. इसके लिए उसे राष्ट्रपति डॉ प्रणव मुखर्जी के हाथों प्रो ग्रोवर अवार्ड भी मिला था. वंदना को पढ़ायी और चित्रकला के क्षेत्रों में दर्जनों पुरस्कार मिल चुके हैं. कई मंचों से भी वह सम्मानित होती रही है.————मेधा सूची में गड़बड़ी, नहीं तो नि:शक्त भाई भी बन जाता शिक्षकवंदना एवं उसकी मां ने मंत्री डॉ लुइस मरांडी को बताया कि वंदना का भाई भी नि:शक्त है. उसका नाम पहले गोड्डा में मेधा सूची में निकला था, लेकिन बाद में गड़बड़ी कर उससे कम अंक वाले का चयन हाल ही में शिक्षक नियुक्ति में कर लिया गया. डॉ लुइस ने जांच करवा कर न्याय दिलवाने की बात कही.————फोटो21 दुमका वंदना———–

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