ओके :: देखरेख के अभाव में डाकबंगला हो रहा जर्जर

प्रतिनिधि, काठीकुंडअंगरेजों के शासनकाल में निर्मित काठीकुंड का ऐतिहासिक डाकबंगला उचित संरक्षण व देखभाल की अभाव में जर्जर होता जा रहा हैै. दुमका-पाकुड़ मुख्य मार्ग स्थित दानीनाथ मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित डाकबंगला का निर्माण 1932 में संताल परगना के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर जेम्स कास्टीयर के कार्यकाल में हुआ था. उस वक्त पूरा संताल […]

प्रतिनिधि, काठीकुंडअंगरेजों के शासनकाल में निर्मित काठीकुंड का ऐतिहासिक डाकबंगला उचित संरक्षण व देखभाल की अभाव में जर्जर होता जा रहा हैै. दुमका-पाकुड़ मुख्य मार्ग स्थित दानीनाथ मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित डाकबंगला का निर्माण 1932 में संताल परगना के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर जेम्स कास्टीयर के कार्यकाल में हुआ था. उस वक्त पूरा संताल परगना एक जिला था. डाकबंगला का उपयोग सरकारी कार्यों के साथ बैठकों के लिए भी किया जाता है. 1993 से डाकबंगला के माली के रूप में मनोज कुमार देहरी कार्यरत है. उचित संरक्षण व देखभाल के अभाव में टूटता-फूटता जा रहा है. काठीकुंड के साथ ही प्रखंड के सालदाहा व नारगंज में भी पुराने समय का डाकबंगला जर्जर हो चुका है. दानों जगहों पर नया डाकबंगला का निर्माण भी किया गया है. सालदाहा में वर्ष 2002 में बना भवन बिल्कुल खंडहर बन चुका है. इसका उपयोग न होना और इसके संरक्षण न होने के कारण भवन के खिड़की, दरवाजे व वायरिंग तक सही सलामत नहीं बचे हैं……………फोटो 20 डीएमके काठीकुंडजर्जर सालदाहा का डाकबंगला

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