प्रतिनिधि, दुमका 19 सूत्री मांगों को लेकर भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (माले) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन किया. साथ ही माले कार्यकर्ताओं ने धरना के पश्चात राज्यपाल के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी को एक स्मारपत्र सौंपा. जिसमें भूमि अधिग्रहण अध्यादेश कानून को अविलंब वापस लेने, 1932 खतियान के आधार पर स्थानीयता लागू कर शिक्षक एवं तृतीय व चतुर्थ कर्मचारी के पद पर बहाल करने में प्राथमिकता देने, एमडीएम कर्मियों का मानेदय पांच हजार रुपये प्रति माह तथा 50 हजार का जीवन बीमा निर्धारित कर संबंधित कर्मी के खाते में ससमय भुगतान करने, छात्रवृत्ति में अनियमितता की जांच करते हुए दोषियों पर कार्रवाई किये जाने, दुमका प्रखंड के सभी गांवों में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कराये गये आर्थिक व जाति जनगणना का पुन: सर्वे कराकर सुधार कराने, बीपीएल सूची में वंचित गरीब परिवारों को जोड़कर अविलंब राशन कार्ड उपलब्ध कराने, गुड़ैत, जगमांझी, नायकी, पराणिक आदि को सरकारी मान्यता देते हुए 1000 रुपये सम्मानित राशि उपलब्ध कराने, 60 वर्ष से ऊपर पुरुष व महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन एवं विधवा, विकलांग, असहायों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की गारंटी देने, बीपीएल परिवार को जन वितरण प्रणाली के दुकानों से जीवन यापन से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने, प्रखंड के सभी जॉब कार्डधारी मजदूरों को 200 दिन रोजगार व दैनिक मजदूरी 500 रुपये देने की गारंटी, सभी शिक्षित बेरोजगारों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने, एसपीटी एक्ट से छेड़छाड़ बंद कर इसे सख्ती से लागू किये जाने आदि मांग शामिल हैं. मौके पर सचिव हेमलाल सोरेन, रामेश्वर सोरेन, भुंडा बास्की, पालटन हांसदा, अवलिपस सोरेन, सुभाषटेन मंडल, बाबूलाल राय आदि मौजूद थे. …………………..फोटो20 दुमका 23प्रदर्शन करते माले कार्यकर्ता.
19 सूत्री मांगो को लेकर भाकपा माले का धरना-प्रदर्शन
प्रतिनिधि, दुमका 19 सूत्री मांगों को लेकर भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (माले) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन किया. साथ ही माले कार्यकर्ताओं ने धरना के पश्चात राज्यपाल के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी को एक स्मारपत्र सौंपा. जिसमें भूमि अधिग्रहण अध्यादेश कानून को अविलंब वापस लेने, 1932 खतियान के आधार पर स्थानीयता लागू कर शिक्षक […]
