दुमका : भाकपा माओवादी संगठन के संताल परगना जोनल कमेटी के प्रवक्ता सोनोतजी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पिछले रविवार को नक्सली जीवन हांसदा के गोड्डा में डीसी–एसपी के समक्ष किये गये आत्मसमर्पण पर प्रतिक्रिया दी है.
सोनोतजी ने कहा है कि जीवन हांसदा नक्सली संगठन से जुड़ा जरूर था, लेकिन क्रांतिकारी किसान कमेटी के सदस्य के रुप में उसकी सक्रियता गांव स्तर पर ही थी. वह न तो आज तक किसी माओवादी कार्रवाई में शामिल रहा और न ही संघर्ष में किसी तरह की उसने मदद की. माओवादी विरोधी दलाल, वोटबाज पार्टी के नेता व पुलिस–प्रशासन ने मिल कर जीवन को हाइलाइट किया और उसे लालच देकर सरेंडर करवाया है.
अपनी वाहवाही व पुनर्वास नीति को कारगर दिखाने की नाकाम कोशिश की है. उन्होंने यह भी कहा है कि यह संताल परगना में चल रहे कंपनी के खिलाफ जन आंदोलन को कमजोर करने का नाकाम प्रयास है और इससे कंपनी के खिलाफ आंदोलन कमजोर नहीं होगा.
जीवन हांसदा पर कार्रवाई का किया एलान
नक्सली संगठन ने सरेंडर करने वाले जीवन हांसदा के खिलाफ कार्रवाई का एलान किया है. उसे पूरे परिवार के साथ 10 दिनों के अंदर जामड़ुपानी छोड़ने, उस पर गांव तथा जनता से आर्थिक लेन–देन व प्रखंड में ठेकेदारी पर प्रतिबंध लगाने, दातुन–पत्ता तोड़ने, जंगल से जलावन व अन्य लकड़ी काटने तथा पंचायत–समाज का किसी भी प्रकार के मामलों में फैसला करने या कराने पर भी प्रतिबंध लगाने व कार्रवाई करने की धमकी दी है.
