ओके...एक शिक्षक के भरोसे 371 बच्चे

प्रतिनिधि, मसलियाउत्क्रमित उच्च विद्यालय गोवासोल में 371 बच्चों के बदले एक ही शिक्षक पदस्थापित है. यहां वर्ग प्रथम से दशम तक कक्षाएं संचालित होती है. गोवासोल स्कूल में पदस्थापित शिक्षक माणिक चंद गोराई प्रधानाध्यापक के प्रभार में भी है. बीएलओ, संक ुल सचिव, बालिका संकुल के सचिव के प्रभार में भी है. मध्य विद्यालय के […]

प्रतिनिधि, मसलियाउत्क्रमित उच्च विद्यालय गोवासोल में 371 बच्चों के बदले एक ही शिक्षक पदस्थापित है. यहां वर्ग प्रथम से दशम तक कक्षाएं संचालित होती है. गोवासोल स्कूल में पदस्थापित शिक्षक माणिक चंद गोराई प्रधानाध्यापक के प्रभार में भी है. बीएलओ, संक ुल सचिव, बालिका संकुल के सचिव के प्रभार में भी है. मध्य विद्यालय के अलावा उच्च विद्यालय भी श्री गोराई के भरोसे ही है. उन्होंने बताया कि एक शिक्षक के भरोसे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाती है. पदाधिकारी से अनुरोध करने पर एक शिक्षक स्वपन कु मार यादव को यहां प्रतिनियुक्त किया गया था. लेकिन प्रतिनियुक्ति खत्म हो जाने से श्री यादव क ो मूल विद्यालय कुसुमघाटा में वापस कर दिया गया है. गोवासोल स्कूल में वर्ग प्रथम में आठ, द्वितीय में 11, तृतीय में 12, चतुर्थ में 13, पंचम में 36, षष्ठ में 46, सप्तम में 69, अष्टम में 34, नवम मंे 58 व दशम में 84 बच्चों को मिलाकर 371 बच्चें नामांकित है. स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रू बी देवी, उपाध्यक्ष ननीगोपाल मांझी, ग्राम प्रधान द्वारिका प्रसाद मांझी, संयोजिका मेनका पाल आदि ने बताया कि स्कूल में एक ही शिक्षक रहने से गांव के गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाती है. जबकि सरकार शिक्षा अधिकार कानून लागू कर बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा देने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रावधान तो किया है लेकिन उन प्रावधानों का अनुपालन नहीं होता है. प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी हेलेन मरांडी ने बताया कि शिक्षकों क ी जिले में घोर क मी है. ि——————————-

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