सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी ने एक मामले में दिया दो आदेश

दोनों आदेश एक ही दिन दिये गयेपहले आदेश में आवेदक का दावा ठोस प्रमाण पत्र में स्वीकृत किया दूसरे में ठोस प्रमाण पत्र के अभाव में आवेदक का दावा खारिज किया———————–प्रतिनिधि, दुमका कोर्टगोड्डा जिला के महगामा जमायडीह के अशोक राय ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी दुमका द्वारा विविध वाद संख्या 27/2005 में एक ही तिथि में […]

दोनों आदेश एक ही दिन दिये गयेपहले आदेश में आवेदक का दावा ठोस प्रमाण पत्र में स्वीकृत किया दूसरे में ठोस प्रमाण पत्र के अभाव में आवेदक का दावा खारिज किया———————–प्रतिनिधि, दुमका कोर्टगोड्डा जिला के महगामा जमायडीह के अशोक राय ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी दुमका द्वारा विविध वाद संख्या 27/2005 में एक ही तिथि में दो आदेश पारित किये जाने को लेकर बंदोबस्त पदाधिकारी को आवेदन देकर जांच कराने की मांग की है. कमलेश्वरी बनाम पवन डालमिया के वाद में दिनांक 29 नवंबर 2010 को आवेदक का दावा ठोस प्रमाण पत्र में स्वीकृत किये जाने का आदेश पारित हुआ था. जिसकी सत्य प्रतिलिपि अशोक राय ने वर्ष 2011 में निकाली थी. पुन: उसी वाद से संबंधित आदेश की प्रति दो साल बाद 2013 में जब निकाली, तो उसके होश उड़ गये. उस आदेश में आवेदक का दावा ठोस प्रमाण पत्र के अभाव में खारिज किया गया. आदेश की मूल प्रति न होकर अभिप्रमाणित प्रतिलिपि अभिलेख में लगा था. अशोक राय के आवेदन को अधिवक्ता भीम मंडल ने बंदोबस्त पदाधिकारी से मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया. बंदोबस्त पदाधिकारी राम वचन राम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी पदाधिकारी द्वितीय बंदोबस्त को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है.

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