रानीश्वर में खजूर गुड़ बनाने का काम जोरों पर

रानीश्वर : जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्र के पहाड़ी इलाके या सड़क के किनारे बेकार पड़े खजूर के पेड़ों से रस निकाल कर उससे गुड़ बनाकर पश्चिम बंगाल के लोग मालामाल हो रहे हैं. ठंड के मौसम में प्रतिवर्ष पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर व मुरशिदाबाद जिले के विभिन्न क्षेत्र से लोग इस क्षेत्र में पहुंच […]

रानीश्वर : जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्र के पहाड़ी इलाके या सड़क के किनारे बेकार पड़े खजूर के पेड़ों से रस निकाल कर उससे गुड़ बनाकर पश्चिम बंगाल के लोग मालामाल हो रहे हैं. ठंड के मौसम में प्रतिवर्ष पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर व मुरशिदाबाद जिले के विभिन्न क्षेत्र से लोग इस क्षेत्र में पहुंच कर बेकार पड़े खजूर के पेड़ों से रस निकाल कर उससे गुड़ बनाकर बाजार में बेच रहे हैं.

इन दिनों गुड़ 60 से 80 प्रति किलो की दर से बेच रहे हैं. दुमका सिउड़ी मुख्य पथ के किनारे कई जगहों पर पश्चिम बंगाल के लोग गुड़ बना रहे हैं. मुरजोड़ा के पास गुड़ बनानेवाला मेदनीपुर जिले से आये डाना शेख ने बताया कि वेलोग अलग-अलग 15 टीम बनाकर यहां गुड़ बनाने का काम कर रहे हैं. दुर्गापूजा के पहले यहा पहुंच कर सबसे पहले खजूर की पेड़ों की तैयारी का काम करते हैं. ठंड का मौसम शुरू होते ही खजूर पेड़ से रस निकाल कर रस को गरम कर गुड़ बनाते हैं.

खजूर गुड़ बनाने का काम जनवरी के अंतिम सप्ताह तक चलेगा. उसके बाद लोग वापस पश्चिम बंगाल लौट जायेंगे. इस मौसम में सभी तरह के खर्च के बावजूद एक-एक टीम को 15 से 20 हजार रुपये की आमदनी होती है. सनद रहे कि पश्चिम बंगाल के लोग यहां पहुंच कर बेकार पड़े खजूर पेड़ों से रस निकाल कर गुड़ बनाकर अच्छी रकम कमा लेते हैं. वहीं स्थानीय लोग खजूर के रस से ताड़ी बनकार पीते हैं. जिला प्रशासन व स्वयं सेवी संस्था द्वारा यदि स्थानीय लोगों को खजूर गुड़ बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण देने की व्यवस्था यिा जाय तो स्थानीय लोग भी खजूर गुड़ बनकार अच्छी आमदनी कर सकता है.

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