बंजर भूमि में सरसों की खेती कर समृद्धि की ओर बढ़ रहे किसान

जामा. जामा प्रखंड मुख्यालय से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर मोहलबाना ग्राम के आदिवासी टोला में युवा कृषक विनोद मरांडी का घर है. युवा कृषक विनोद मरांडी के घर से एक किमी दूर स्थित 3 एकड़ की बंजर भूमि में सरसों की खेती कर रहे हैं. जिसकी सिंचाई आत्मा द्वारा प्रदत एक कूप से […]

जामा. जामा प्रखंड मुख्यालय से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर मोहलबाना ग्राम के आदिवासी टोला में युवा कृषक विनोद मरांडी का घर है. युवा कृषक विनोद मरांडी के घर से एक किमी दूर स्थित 3 एकड़ की बंजर भूमि में सरसों की खेती कर रहे हैं. जिसकी सिंचाई आत्मा द्वारा प्रदत एक कूप से की जाती है. युवा कृषक विनोद मरांडी बंजर भूमि को समतल कर सरसो की खेती कर एक अच्छी आमदनी का स्त्रोत बनाया हुआ है. मोहलबाना के पाश्वर्ती ग्राम आसनजोर के किसान सीताराम साह ने भी करीब दो एकड़ की जमीन में सरसो की खेती की है. इसके सटे हुए बनिहर टोला में बैगन की खेती बिरानी बैठा ने करीब एक बीघा में की है और तीन माह से फसल को काट कर बाजार में बिक्री कर एक अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे है. …………………..फोटो8 डीएमके: जामाबंजर भूमि में लहलहाते सरसो के पौधे

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