कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो समाप्त कर दिया जायेगा एजेंसी का अनुबंध
धनबाद.
जिले में बायोमेडिकल वेस्ट के प्रबंधन को लेकर एजेंसी द्वारा बरती जा रही लापरवाही को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. उपायुक्त ने बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी बॉयोजेनेटिक्स लेबोरेट्री के कार्य को असंतोषजनक करार देते हुए एक माह की अंतिम मोहलत दी है. इस अवधि में अगर एजेंसी की कार्यशैली नहीं सुधरी तो उसका अनुबंध समाप्त कर दिया जायेगा. उपायुक्त की अध्यक्षता में पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में बायोमेडिकल वेस्ट की स्थिति की समीक्षा की गयी थी. इसमें पाया गया कि कई अस्पतालों व क्लीनिकों से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे का समय पर संग्रहण नहीं हो रहा है. कचरे का निस्तारण भी मानकों के अनुसार नहीं किया जा रहा. इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.सामान्य कचरे के साथ मिलाया जा रहा बायो मेडिकल वेस्ट
बैठक में पता चला कि कई बार कचरा खुले में पड़ा रहता है या सामान्य कचरे के साथ मिला दिया जाता है. जो संक्रमण व बीमारी फैल सकती है. यह न सिर्फ पर्यावरणीय दृष्टिकोण से खतरनाक है, बल्कि बायोमेडिकल वेस्ट नियमावली 2016 का भी उल्लंघन है. उपायुक्त ने सिविल सर्जन और नगर निगम अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की नियमित निगरानी करें व सुधारात्मक कदम उठायें.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
