धनबाद. झारखंड राज्य बिजली कामगार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण सिंह का सोमवार को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह पिछले कुछ समय से सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित थे और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे. उनके निधन की सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों, श्रमिक संगठनों और समर्थकों के बीच शोक की स्थिति है. परिजनों के अनुसार सोमवार शाम तक उनका पार्थिव शरीर धनबाद लाया जायेगा और उनकी अंत्येष्टि किये जाने की तैयारी है.
बिजली विभाग में लंबे समय तक रहे सक्रिय
रामकृष्ण सिंह लंबे समय तक झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और बाद में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड से जुड़े रहे. विभाग में कार्यरत रहने के दौरान उन्होंने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभायी. बिजली कामगारों की समस्याओं, सेवा शर्तों और अधिकारों से जुड़े विषयों को लेकर उन्होंने कर्मचारियों की आवाज उठायी.
आंदोलनों और संगठनात्मक गतिविधियों में निभायी भूमिका
रामकृष्ण सिंह ने बिजली कामगारों से जुड़े मुद्दों को लेकर विभिन्न आंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों और अन्य संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लिया. श्रमिक संगठनों से जुड़े लोगों के अनुसार, उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और उनके हितों से जुड़े विषयों पर बातचीत के लिए संगठन के मंच का इस्तेमाल किया.
कामगार हितों के मुद्दे उठाने के लिए रहे सक्रिय
साथी कर्मचारियों के अनुसार, रामकृष्ण सिंह लंबे समय तक कामगारों के अधिकार, सुविधाओं और कार्यस्थल से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे. श्रमिक संगठनों के बीच उनकी सक्रियता के कारण उन्हें बिजली कामगारों की समस्याओं को मजबूती से रखने वाले नेताओं में गिना जाता था. उनके निधन को संगठन से जुड़े लोगों ने श्रमिक आंदोलन के लिए क्षति बताया है.
मंगलवार को होगी अंत्येष्टि
परिजनों के अनुसार सोमवार शाम तक पार्थिव शरीर धनबाद पहुंचने की संभावना है. मंगलवार को अंतिम संस्कार किया जायेगा. उनके निधन की सूचना के बाद बिजली विभाग से जुड़े कर्मचारियों और विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने संवेदना व्यक्त की. संगठनों ने उनके कार्यों और कामगार हितों के लिए किये गये प्रयासों को याद किया.
