टुंडी के जंगलों से हाथियों के झुंड के गांवों और खेतों की ओर आने का खतरा हर साल बना रहता है. हाथियों की गतिविधियों पर समय रहते नजर रखने और ग्रामीणों को सतर्क करने के उद्देश्य से शुरू की गयी वॉच टावर निर्माण योजना करीब दो साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है. छोटकी नागपुर समेत टुंडी के तीन स्थानों पर वॉच टावर बनाने की योजना थी. प्रत्येक टावर के निर्माण पर करीब 11 लाख रुपये खर्च होने थे. राशि स्वीकृत होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है.
मार्च तक पूरा होना था निर्माण
जानकारी के अनुसार, तीनों वॉच टावर का निर्माण इस वर्ष मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. निर्धारित समय सीमा बीतने के कई माह बाद भी टावर अधूरे हैं. बरसात के बाद जंगलों से हाथियों के झुंड के निकलकर गांवों और खेतों की ओर आने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में निगरानी के लिए प्रस्तावित टावर तैयार नहीं होने से वन विभाग की तैयारी पर सवाल उठ रहे हैं.
हाथियों के झुंड के गांवों की ओर आने की स्थिति में ग्रामीणों को समय रहते सतर्क करना महत्वपूर्ण माना जाता है. वॉच टावर निर्माण पूरा होने से निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है.
ऊंचाई से दूर तक रखी जा सकेगी नजर
वॉच टावर तैयार होने के बाद वनकर्मी ऊंचाई से जंगल और हाथियों के संभावित रास्तों पर निगरानी रख सकेंगे. घने जंगल और पेड़-पौधों के कारण जमीन से कई बार हाथियों के झुंड की गतिविधियां स्पष्ट नजर नहीं आतीं. ऊंचाई पर बने टावर से आसपास के इलाके में अपेक्षाकृत दूर तक नजर रखी जा सकेगी.
हाथियों का झुंड गांव या खेत की ओर बढ़ता दिखने पर वन विभाग संबंधित गांवों में माइकिंग कर ग्रामीणों को सतर्क कर सकता है. इससे लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर जाने या हाथियों से दूरी बनाये रखने की जानकारी दी जा सकेगी.
अन्य जंगली जानवरों की गतिविधियों पर भी नजर
प्रस्तावित वॉच टावर का इस्तेमाल केवल हाथियों की निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा. वन विभाग के कर्मी इन टावरों से क्षेत्र में अन्य जंगली जानवरों की गतिविधियों पर भी नजर रख सकेंगे. किसी जंगली जानवर के आबादी वाले क्षेत्र की ओर बढ़ने की स्थिति में समय रहते इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचायी जा सकेगी.
वरीय अधिकारियों को दी गयी सूचना
टुंडी के फॉरेस्टर मनोज कुमार राय ने बताया कि वॉच टावर निर्माण से संबंधित मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गयी है. विभागीय अधिकारी इस मामले को देख रहे हैं. उन्होंने जल्द निर्माण कार्य में तेजी आने की संभावना जतायी है.
