Dhanbad News :सुख-दुख के मूल कारण अपने कर्म होते हैं : विक्रमाचार्यजी महाराज

Dhanbad News :सुख-दुख के मूल कारण अपने कर्म होते हैं : विक्रमाचार्यजी महाराज

Dhanbad News : शास्त्री नगर, जमुआटांड़ में आयोजित सप्ताहव्यापी संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गुरुवार को गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग अर्पण की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही. कथा व्यास स्वामी श्री विष्णु विक्रमाचार्यजी महाराज ने कहा कि जब-जब अभिमान बढ़ता है, तब-तब भगवान अपनी लीला से भक्तों को विनम्रता और समर्पण का संदेश देते हैं. गोवर्धन पूजा हमें यह सिखाती है कि सच्चा धर्म बाहरी आडंबर में नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा और श्रद्धा में निहित है. उन्होंने बताया कि छप्पन भोग भगवान के प्रति भक्ति, कृतज्ञता और आनंद का प्रतीक है. जब मनुष्य अहंकार का त्याग कर प्रेमपूर्वक भगवान को अर्पण करता है, तब जीवन में सच्चा आनंद प्राप्त होता है. उन्होंने कहा कि मनुष्य के सुख और दुख का मूल कारण उसके अपने कर्म हैं. अतः मनुष्य को सदैव सच्चे कर्म, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए. इस अवसर पर यजमान मंदीप शास्त्री एवं प्रीति पाण्डेय द्वारा विशेष पूजा-अर्चना एवं छप्पन भोग अर्पण कर भगवान श्रीकृष्ण से समाज के कल्याण की कामना की गयी.

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