Dhanbad News : मलकेरा रामपुर स्थित कतरी नदी किनारे नमामि गंगे योजना के तहत जूडको द्वारा बनाये जाने वाले सीवरेज सिस्टम प्लांट का गुरुवार को रैयतों ने विरोध किया. जेसीबी के निकट आकर उसे काम करने से रोका. इसको लेकर हंगामा हुआ. सूचना पर पहुंचे बाघमारा सीओ बाल किशोर महतो, कतरास थानेदार असित कुमार सिंह ने रैयतों को समझाने का प्रयास किया, पर वे नहीं माने. स्थल को रैयत अपना बता रहे थे.मामला बिगड़ने लगा, तो रैयतों से कागजात मांगा गया. रैयतों ने जो कागज दिखाये, उसे सीओ ने मानने से इंकार कर दिया. उसके बाद कतरास थानेदार ने हस्तक्षेप किया, तो रैयतों ने पूर्ण कागजात दिखाने के लिए समय मांगा. रैयतों को दो दिनों का समय दिया गया, तब जाकर मामला शांत हुआ. इस दौरान दंडाधिकारी के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था.
जमीन अधिग्रहण कर मिले मुआवजा : ग्रामीण
बताया जाता है कि यह प्लांट केंद्र सरकार की योजना है, जो साढ़े चार करोड़ की लागत से 5.90 एकड़ जमीन पर बनेगा. सात अप्रैल को मापी हुई थी. उस समय भी रैयतों ने विरोध किया था. रैयतों ने कहा कि वे अपनी जमीन पर दावेदारी कर रहे हैं, रंगदारी नहीं मांग रहे हैं. वे लोग जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे. उनलोगों को नये रेट से चार गुणा दर से जमीन अधिग्रहण कर मुआवजा दिया जाये.रैयतों को कागजात दिखाने का दिया गया है दो दिनों का समय : सीओ
बाघमारा सीओ बाल किशोर महतो ने बताया कि जमीन पूरी तरह सरकारी है. रैयतों द्वारा जो कागजात दिखाया गया है, वह अपूर्ण है. रैयतों के पास नया पुराना कोई भी खतियान नहीं है. दो दिनों का समय दिया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
