बिनोद बिहारी महतो के पैतृक गांव में बनेगी आदमकद प्रतिमा, जानें म्यूजियम और लाइब्रेरी प्रोजेक्ट में क्या होगा खास

झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता बिनोद बिहारी महतो की यादों को संजोने के लिए उनके पैतृक गांव बड़ादाहा में आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी. इस परियोजना में म्यूजियम, लाइब्रेरी और स्मृति उद्यान का भी विकास शामिल है.

धनबाद. झारखंड आंदोलन के प्रमुख पुरोधा और सामाजिक चिंतक बिनोद बिहारी महतो की स्मृतियों को सहेजने के उद्देश्य से उनके पैतृक गांव बड़ादाहा में आदमकद प्रतिमा स्थापित की जायेगी. इस परियोजना की शुरुआत गुरुवार को अनिकेत एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी की ओर से भूमि पूजन और नींव रखकर की गयी. कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बिनोद बिहारी महतो के परिजनों ने भाग लिया.

सोसायटी के सचिव माथुर मंडल और बिनोद बिहारी महतो के भतीजे जय किशोर महतो ने बताया कि प्रतिमा स्थापना का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. योजना के तहत करीब दो डिसमिल भूमि पर बिनोद बिहारी महतो की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जायेगी. इसके साथ ही परिसर में संग्रहालय, पुस्तकालय, सेमिनार भवन और स्मृति उद्यान विकसित करने की भी योजना है. उनका कहना है कि यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को बिनोद बिहारी महतो के जीवन, संघर्ष और योगदान से परिचित करायेगा.

ये भी पढ़ें: नीरज सिंह हत्याकांड: निरसा मुठभेड़ के बाद रांची से पहुंची SFSL टीम, जानिए घटनास्थल से क्या-क्या मिले साक्ष्य

झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे बिनोद बिहारी महतो

बिनोद बिहारी महतो को झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है. उन्होंने अलग झारखंड राज्य की मांग को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. सामाजिक न्याय, शिक्षा और क्षेत्रीय पहचान के मुद्दों को लेकर उनका योगदान व्यापक रूप से याद किया जाता है.

शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर दिया विशेष बल

स्थानीय लोगों के अनुसार बिनोद बिहारी महतो ने शिक्षा के प्रसार को हमेशा प्राथमिकता दी. उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और विस्तार के प्रयासों का समर्थन किया, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके. इसके अलावा उन्होंने सामाजिक कुरीतियों और नशाखोरी के खिलाफ जनजागरण अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभायी थी.

स्मृति स्थल के रूप में विकसित होगा परिसर

आयोजकों के अनुसार प्रस्तावित परिसर केवल प्रतिमा स्थापना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक स्मृति एवं अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है. यहां पुस्तकालय और संग्रहालय के माध्यम से झारखंड आंदोलन तथा बिनोद बिहारी महतो के योगदान से संबंधित जानकारी संरक्षित की जायेगी. सेमिनार भवन में सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन की भी योजना है.

नींव पूजन कार्यक्रम में माथुर मंडल, जय किशोर महतो, पांचु महतो, गोविंद मोदक, देवी लाल महतो, पवन महतो, उमाकांत महतो, तन्नू लाल गोराई, आशा कुमारी, सीमा पासवान, अजय महतो, प्रदुम महतो समेत कई लोग उपस्थित थे.

ये भी पढ़ें: सुदिव्य कुमार सोनू के परिजनों से मिलकर भावुक हुईं कल्पना सोरेन, कहा- 'सोनू भैया की कमी कभी पूरी नहीं होगी'

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sheikh kalim

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >