शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में लंबे समय से बंद पड़ी इकोकार्डियोग्राफी (इको) जांच सेवा फिर से शुरू हो गयी है. कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विपिन सिन्हा के योगदान देने के बाद अस्पताल में नियमित रूप से हृदय रोगियों की इको जांच की जा रही है. इससे मरीजों को बड़ी राहत मिली है. अब उन्हें जांच के लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा.
डॉ यूके ओझा की सेवानिवृत्ति के बाद प्रभावित हुई थी सेवा
अस्पताल सूत्रों के अनुसार एसएनएमएमसीएच में पहले इको जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ यूके ओझा संभालते थे. उनकी सेवानिवृत्ति के बाद अस्पताल में यह सेवा प्रभावित हो गयी थी. लंबे समय तक नियमित इको जांच नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. अत्यावश्यक मामलों में ही डॉ एमके दुबे द्वारा जांच की जा रही थी, जबकि अधिकांश मरीजों को निजी जांच केंद्रों में जाना पड़ता था.
कार्डियोलॉजिस्ट के आने से नियमित हुई जांच
अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विपिन सिन्हा के योगदान के बाद इको सेवा को व्यवस्थित रूप से शुरू किया गया है. अब हृदय रोग से संबंधित मरीजों की आवश्यकता के अनुसार नियमित जांच की जा रही है. इससे मरीजों को समय पर रोग की पहचान और उपचार की सुविधा मिल रही है.
गरीब और ग्रामीण मरीजों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ
इको जांच सेवा शुरू होने का सबसे अधिक लाभ आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को मिलेगा. सरकारी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों का अतिरिक्त खर्च बचेगा. साथ ही उन्हें जांच के लिए बाहर भटकना नहीं पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी.
हृदय रोगों के इलाज में अहम है इको जांच
इकोकार्डियोग्राफी के माध्यम से हृदय की कार्यप्रणाली, हृदय की मांसपेशियों, वाल्व की स्थिति और पंपिंग क्षमता का आकलन किया जाता है. हार्ट फेल्योर, वाल्व संबंधी रोग, उच्च रक्तचाप, सीने में दर्द और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों के निदान और उपचार में यह जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
एक ही परिसर में मिलेगी जांच और परामर्श की सुविधा
अस्पताल में इको जांच सेवा बहाल होने से कार्डियोलॉजी विभाग की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत हुई हैं. अब मरीजों को एक ही परिसर में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यक जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुगम बनेगी.
