धनबाद. मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने गुरुवार को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) का निरीक्षण किया. इस दौरान अस्पताल की व्यवस्था में कई खामियां मिलीं. इमरजेंसी के माइनर ओटी में टेटनस इंजेक्शन की बड़ी खेप तय मानक के विपरीत रखी मिली.
वहीं, ड्यूटी के दौरान रेडियोलॉजी विभाग की दो रेडियोलॉजिस्ट गायब मिली. टीम को अस्पताल के विभिन्न विभागों में दवाओं की कमी, इमरजेंसी में दवाओं की उपलब्धता का बोर्ड नहीं लगा होना व गंदगी और बदबू जैसी समस्याएं भी मिलीं.
दरअसल, धनबाद के हीरापुर निवासी एक व्यक्ति ने एसएनएमएमसीएच की अव्यवस्था को लेकर आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करायी थी. संज्ञान लेते हुए आयोग ने धनबाद के सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया. सीएस ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की. इसमें डीटीओ डॉ रेखा नायक, डीआरसीएचओ डॉ रोहित गौतम व डॉ विकास राणा शामिल हैं.
माइनर ओटी में बिना ठंडे स्टोरेज के रखे थे टेटनस इंजेक्शन
जांच के दौरान इमरजेंसी के माइनर ओटी में टेटनस इंजेक्शन की बड़ी खेप मिली. टीम के अनुसार इंजेक्शन को निर्धारित तापमान और ठंडे स्टोरेज में रखा जाना चाहिए, लेकिन यहां उसे तय मानक के अनुरूप नहीं रखा गया था. इससे दवाओं के रखरखाव और मरीजों को दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गये हैं.
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ड्रेस में नहीं थे एसआर चिकित्सक, टीम से हुई बहस
इमरजेंसी के मेडिसिन विभाग में निरीक्षण के दौरान एसआर चिकित्सक बिना निर्धारित ड्रेस के मिले. टीम के अधिकारियों ने जब इस संबंध में सवाल किया तो चिकित्सक अधिकारियों से ही उलझ गये. काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच बहस होती रही. जांच टीम ने इसे भी अस्पताल की कार्यप्रणाली और अनुशासन से जुड़ी गंभीर कमी के रूप में देखा.
ड्यूटी के समय अस्पताल में नहीं मिलीं दो रेडियोलॉजिस्ट
रेडियोलॉजी विभाग में निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात दो रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक गायब मिलीं. टीम को जानकारी मिली कि दोनों चिकित्सक उस समय निजी जांच केंद्र में अपनी सेवाएं दे रही थीं.
ड्यूटी के दौरान सरकारी अस्पताल से अनुपस्थित रहकर निजी जांच केंद्र में सेवा देने की शिकायत को टीम ने गंभीरता से लिया. इससे अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली रेडियोलॉजी सेवाओं पर भी सवाल खड़े हुए हैं.
कई विभागों में दवाओं की कमी, इमरजेंसी में नहीं लगा था उपलब्धता बोर्ड
अस्पताल के विभिन्न विभागों में आवश्यक दवाओं की कमी भी सामने आयी. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन कई विभागों में दवाओं का स्टॉक कम मिला.
वहीं, इमरजेंसी में कौन-कौन सी दवाएं उपलब्ध हैं और कौन सी उपलब्ध नहीं हैं, इसकी जानकारी देने वाला बोर्ड भी प्रदर्शित नहीं था. इससे मरीजों और उनके परिजनों को दवाओं की उपलब्धता की सही जानकारी नहीं मिल पा रही थी.
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साफ-सफाई की व्यवस्था भी नहीं थी संतोषजनक
जांच टीम को अस्पताल के कई हिस्सों में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली. जगह-जगह गंदगी और बदबू की शिकायत सामने आयी. अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर स्वच्छता की कमी को गंभीर माना गया. मरीजों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है.
मानवाधिकार आयोग को भेजी जायेगी जांच रिपोर्ट
तीन सदस्यीय टीम ने निरीक्षण के दौरान मिली सभी कमियों को जांच के दायरे में लिया है. अब टीम अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपेगी. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को भेजी जायेगी. आयोग के निर्देश के बाद हुई इस जांच से एसएनएमएमसीएच की व्यवस्था में सुधार के लिए आगे कार्रवाई की उम्मीद है.
