Dhanbad News: टाउन हॉल में हुई कार्यशाला, आउट ऑफ स्कूल 770 बच्चों का होना है नामांकन
Dhanbad News: स्कूल रूआर-2026 को लेकर न्यू टाउन हाल में शनिवार को कार्यशाला हुई. कार्यशाला में मेयर संजीव सिंह, विधायक राज सिन्हा, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, उपायुक्त आदित्य रंजन, डीडीसी सन्नी राज आदि थे. इस दौरान सत्र 2026 -27 में विद्यालयों में बच्चों के नामांकन एवं ठहराव सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई. आंगनबाड़ी के पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों का कक्षा एक में तथा पांचवीं कक्षा पास कर चुके बच्चों का नामांकन निकटतम मध्य विद्यालय में कक्षा छह एवं आठवीं पास कर चुके बच्चों का नामांकन निकटतम माध्यमिक विद्यालय में नौंवी मं कराने, दसवीं पास बच्चों का नामांकन उच्च माध्यमिक विद्यालय में सुनिश्चित कराने को लेकर रणनीति तय की गयी. नामांकन 15 अप्रैल से शुरू होगा.नामांकन के लिए हर साल चलता है अभियान
स्कूलों में बच्चों के नामांकन को लेकर प्रतिवर्ष स्कूल रूआर कार्यक्रम चलाया जाता है. नवंबर-दिसंबर में डहर एप्प के माध्यम से शिशु गणना जो बच्चे विद्यालय से बाहर चिन्हित किये गये हैं तथा ड्राप बॉक्स के 102713 बच्चों का नामांकन या प्रगमन सुनिश्चित करना विभाग का लक्ष्य है.770 बच्चे आउट ऑफ स्कूल
शिशु पंजी के माध्यम से 770 ऐसे बच्चे चिह्नित किये गये हैं, जो आंगनबाड़ी में और ना ही विद्यालयों में नामांकित हैं. विद्यालय व टोला वार इसकी सूची तैयार की जानी है. संबंधित विद्यालय एवं संकुल साधन सेवी को उनका नामांकन सुनिश्चित करना है. स्कूल रूआर कार्यक्रम के दौरान घर-घर जाकर नामांकन के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा.कार्यक्रम की शुरुआत की गयी : उपायुक्त ने चार्ट के माध्यम से इसकी विस्तृत जानकारी साझा की. जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारी एवं संकुल साधन सेवियों, प्रखंड साधन सेवी सभी को संबोधित किया. इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गयी. जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अभिषेक झा ने अतिथियों का स्वागत किया. जिला शिक्षा अधीक्षक सह अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आयुष कुमार ने विषय प्रवेश कराया.
नामांकन व ट्रैकिंग सुनिश्चित हो
मेयर संजीव सिंह ने कहा कि बच्चे जैसे पार्क में जाना पसंद करते हैं, वैसे स्कूल में आना चाहिए. ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास करना है. जिप अध्यक्ष शारदा सिंह ने कहा कि शिक्षा हर बंद दरवाजे को खोलती है. स्कूल में आंगनबाड़ी के बच्चों को नामांकन करायें. जनप्रतिनिधि विशेष कर मुखिया को घर-घर तक भ्रमण किया जाना चाहिए.
