शोध की गुणवत्ता से संस्थान के प्रति बनती है धारणा : प्रो सुकुमार

आइआइटी आइएसएम में पीएचडी के छात्रों के इंडक्शन मीट का आयोजन किया गया. इस दौरान छात्रों को संस्थान के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध विरासत, प्रमुख बदलावों की जानकारी दी गयी.

धनबाद स्थित आइआइटी आइएसएम के पेनमैन हॉल में मंगलवार को नवनामांकित पीएचडी छात्रों के इंडक्शन मीट का आयोजन किया गया. इसमें 332 नये छात्रों ने हिस्सा लिया. इस वर्ष कुल 347 पीएचडी छात्रों ने नामांकन लिया है. इंडक्शन मीट में नये छात्रों को संस्थान के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध विरासत, प्रमुख बदलावों की जानकारी दी गयी. उन्हें बुनियादी ढांचा, शानदार खेल सुविधाएं, कैंपस हॉटस्पॉट, उच्च तकनीक प्रयोगशालाएं, जैसे नियम, शिकायत निवारण तंत्र आदि के बारे में बताया गया. इससे पहले इंडक्शन मीट शुरुआत प्रो रजनी सिंह, डीन कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के स्वागत भाषण से की. निदेशक प्रोफेसर सुकुमार ने अपने संबोधन में कहाकि शोध की गुणवत्ता से संस्था के प्रति धारणा बनती है. उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वह इंटर डिसिप्लिनरी विषयों में शोध करें. इसमें आपार संभावाना है. उन्होंने पीएचडी स्कॉलरों को रूममेट्स से लेकर लैब तक सभी के साथ अच्छे संबंध विकसित करने की सलाह दी. डीन एकेडमिक प्रोफेसर एमके सिंह ने बताया कि छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है. इनके साथ ही डीएसडब्ल्यू, प्रो एसके गुप्ता, डीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रो एआर दीक्षित, लाइब्रेरी प्रभारी प्रो सागर पाल ने भी संबोधित किया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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