केंदुआ.
सीआइएसएफ क्यूआरटी और बीसीसीएल प्रबंधन में तालमेल की कमी का फायदा कोयला चोर उठा रहे हैं. सीआइएसएफ की टीम अवैध कोयला छापेमारी के लिए जाती है,कोयला पकड़ती है, लेकिन कोयले के उठाव के लिए बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से हाइवा व पेलोडर उपलब्ध नहीं करा पाने से कोयला छापेमारी अकसर अधूरी रह जाती है. ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को कुसुंडा एरिया में आया है. कुसुंडा एरिया के सीआइएसएफ इंस्पेक्टर टी ओझा के निर्देश पर शुक्रवार को सीआइएसएफ बल गंशाडीह में क्यूआरटी ने कोयला चोरों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया. इस दौरान क्यूआरटी को खुले में रखे गये लगभग 10 टन अवैध कोयला व लगभग एक दर्जन सीमेंट के बोरा में भरकर रखे कोयले पर नजर पड़ी. क्यूआरटी ने कोयला जब्त करने के लिए बीसीसीएल प्रबंधन से पेलोडर व हाइवा उपलब्ध कराने का आग्रह किया. इसके बाद बीसीसीएल प्रबंधन ने सीआईएसएफ की ओर से अचानक सूचना देने के कारण टैंकर से इलाके में पानी सप्लाई कार्य में जाने का हवाला दे टीम को पेलोडर व हाइवा उपलब्ध कराने में अपनी असमर्थता जताई. इसके बाद छापे मारी स्थल पर कुछ देर के लिए सीआइएसएफ की टीम रूकी और चली. क्यूआरटी टीम के जाते ही कोयला चोर सारा कोयला उठाकर ले गये.कोट
सीआइएसएफ की ओर से अचानक फोन कर गाड़ी मांगी गयी. उस समय हाइवा उपलब्ध था, लेकिन ड्राइवर टैंकर लेकर पानी सप्लाई के लिए क्षेत्र में निकला था. इस कारण सीआइएसएफ को हाइवा उपलब्ध नहीं कराया जा सका.
मिंटू कुमार,
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