वासेपुर के फरार अपराधी हैदर अली उर्फ प्रिंस खान उर्फ छोटे सरकार पुलिस की दबिश बढ़ने पर दुबई में अपने फ्लैट में काम करने वाली पाकिस्तानी नौकरानी को अपने झांसे में लेकर उसके साथ अवैध तरीके से पाकिस्तान भाग गया है. वर्तमान में वह पाकिस्तान में ही उक्त नौकरानी के घर पर रह रहा है. वहां वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के साथ जुड़ गया है. यह जानकारी बुधवार को प्रिंस खान गिरोह के प्रमुख सदस्य रहे सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर को जेल भेजने के बाद धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने अपने कार्यालय ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी. उन्होंने बताया कि 19 अप्रैल को सैफी को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर आसनसोल लाया गया था. इसके बाद धनबाद पुलिस ने उसे दो चरणों में कुल छह दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. इस दौरान सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, पुटकी थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर वाकार हुसैन, धनबाद थाना प्रभारी मनोज कुमार पांडेय, बैंक मोड़ थाना प्रभारी असीत कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
नन्हें हत्याकांड के बाद कोचीन के रास्ते शारजहां भाग गया था प्रिंस
एसएसपी ने बताया की सैफी ने पूछताछ के दौरान बताया कि वर्ष 2021 में नन्हें हत्याकांड के बाद प्रिंस खान व गोपी खान कोलकाता से कोचीन (कोच्चि) के रास्ते शारजहां, यूएई चले गये. पहली बार प्रिंस खान ने उक्त हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था. वहीं तय योजना के अनुसार प्रिंस खान के परिजनों द्वारा उसे चल-अचल संपत्ति से बेदखल करने का शपथ पत्र दाखिल किया गया था.रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह की हत्या में उसकी पत्नी का हाथ
रिमांड के दौरान सैफी ने बताया कि वर्ष 2023 में उपेंद्र सिंह की हत्या में प्रिंस खान, उसके एवं अन्य अपराधियों की संलिप्तता थी. उसने बताया कि उपेंद्र सिंह की हत्या उसकी पत्नी ने ही अपराधियों के साथ मिलकर करायी थी. सैफी ने रिमांड के दौरान बताया कि उसकी पत्नी ने उसके साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था.सैफी से नौकरों की तरह बर्ताव करता था प्रिंस खान
एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि सैफी ने पुलिस रिमांड में बताया कि प्रिंस और उसके परिवार में कोई पढ़ा-लिखा नहीं था. ऐसे में उसका पूरा काम वह ही देखता था. लेकिन प्रिंस खान उसके साथ नौकर की तरह बर्ताव करता था. शुरू में उसे प्रतिमाह एक से डेढ़ करोड़ रुपये रंगदारी मिलती थी, जो बाद में एक करोड़ हो गयी. अब उसकी माली हालत खराब हो गयी. पुलिस की दबिश बढ़ने पर प्रिंस खान ने सैफी को भी उसके साथ पाकिस्तान जाने को कहा, पर उसने मना कर दिया. इसे लेकर उनके बीच विवाद होने पर सैफी उससे अलग होकर काम करने लगा.आदिल देख रहा है गिरोह का काम
सैफी ने बताया कि वर्तमान में गिरोह के संचालन में प्रिंस खान का भाई गोपी खान, गोपी का साला ऋत्विक खान, एक अन्य रिश्तेदार आदिल, प्रिंस खान की दो पत्नियां दुबई में रहकर उसका सहयोग कर रहे हैं. सैफी की जगह आदिल को ही सारे काम का जिम्मा सौंपा गया है. वहीं प्रिंस खान के अन्य दो भाई व अन्य रिश्तेदार भारत में रहकर प्रिंस खान के गिरोह के संचालन में मदद कर रहे हैं. गिरोह के संचालन में वासेपुर व पांडरपाला के कई लोग अब भी उसे मदद कर रहे हैं.कई सफेदपोश लोग भी प्रिंस खान से जुड़े हैं
एसएसपी ने बताया कि सैफी ने पूछताछ के दौरान बताया कि प्रिंस खान का कई सफेदपोश, राजनैतिक व्यक्तियों व मीडिया से जुड़े लोगों से भी संबंध है. इसकी जांच की जा रही है.
डरपोक है प्रिंस
सैफी ने बताया कि प्रिंस खान बहुत डरपोक है. वह उसके सहारे ही गिरोह का संचालन कर रहा था और हमेशा उसे नौकर समझता था. इसलिए वह वर्ष 2025 में प्रिंस खान से अलग होकर काम करने लगा. वर्ष 2023 में अमन सिंह की जेल में हत्या की सूचना पाकर प्रिंस खान दुबई स्थित अपने घर में डर से बेहोश हो गया था. अब वह गंभीर नशीली दवाओं का आदि हो चुका है और बदहवाश होने तक नशा करता है. बार बालाओं के साथ कुकृत्य जैसे कार्यों में भी संलिप्त है.जमीन व अन्य व्यवसाय में रंगदारी के पैसे का निवेश
एसएसपी ने बताया कि प्रिंस खान द्वारा रंगदारी का पैसा जमीन व अन्य व्यवसाय में निवेश किया गया है. इसमें दो बिल्डर भी शामिल हैं.
