Dhanbad News : अध्यात्म मानव जीवन की अपरिहार्य आवश्यकता है. इसके द्वारा हमारे जीवन का संपूर्ण विकास होता है. विहंगम योग का सैद्धांतिक सद्ग्रन्थ स्वर्वेद अध्यात्म जगत की एक अन्यतम कृति है. यह हमारी आध्यात्मिक यात्रा को सदैव जागृत रखता है. उक्त बातें विहंगम योग के संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज ने मैथन डैम, गोगना मैदान में चल रहे विहंगम योग के दूसरे दिन मंगलवार को कही. उन्होंने कहा कि स्वर्वेद का आचरण मनुष्य को देवत्व में स्थापित कर देता है. जब हम आत्म कल्याणकारी विचारों से अपने मन को भरते हैं तब हमारा मन शांत और स्थिर स्वभाव वाला बन जाता है. इस अवसर पर प्रमुख रूप से जीपी सिंह, रत्नेश कुमार सिंह, सुखनंदन सिंह सदय, उदय प्रताप सिंह, केपी श्रीवास्तव, नागेश्वर मेहता, रवींद्र अम्बष्ट, शेष नारायण सिंह, आरडी शर्मा, दयाकांत, आशुतोष शेखर, डबलू सिंह, किरण सिंह, बिजेन्द्र सिंह, रंजीत सिंह, श्रीनाथ यादव, हिमांशु शेखर सिंह, निधि सिंह, उषा सिंह, अरुण कुमार पांडेय, एमपी सिंह, रानी शर्मा, अंजू सिंह, निशि शेखर, गीता सिंह आदि थे.
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