सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रीपेड बिजली मीटर की अनिवार्यता समाप्त किये जाने के बावजूद उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हुई है. धनबाद समेत राज्य के कई जिलों में नये बिजली कनेक्शन लेनेवाले लोगों को अब भी मजबूरी में प्रीपेड मीटर ही लेना पड़ रहा है. इसकी मुख्य वजह झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के सर्वर में पोस्टपेड कनेक्शन का विकल्प उपलब्ध नहीं होना बताया जा रहा है. वर्तमान में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान उपभोक्ताओं को केवल प्रीपेड विकल्प ही दिखाई दे रहा है. ऐसे में जो लोग पोस्टपेड कनेक्शन लेना चाहते हैं, उन्हें या तो प्रीपेड मीटर स्वीकार करना पड़ रहा है या कनेक्शन लेने में देरी झेलनी पड़ रही है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ी थीं उम्मीदें
सुप्रीम कोर्ट के हाल के एक फैसले के बाद लोगों में उम्मीद जगी थी कि उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड कनेक्शन चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी. कई उपभोक्ता पोस्टपेड व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक मानते हैं, क्योंकि इसमें पहले बिजली का उपयोग कर बाद में बिल भुगतान किया जाता है, जबकि प्रीपेड व्यवस्था में पहले रिचार्ज कराना अनिवार्य होता है. पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि कोई भी बिजली वितरण कंपनी किसी भी उपभोक्ता पर प्रीपेड मीटर का इस्तेमाल करने का दबाव नहीं बना सकती है. उपभोक्ता अगर खुद से चाहे तभी बिजली वितरण कंपनी उसके घर अथवा प्रतिष्ठान में प्रीपेड मीटर इंस्टॉल कर सकती है. निर्देश के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के घरों में प्रीपेड लगाये जा चुके है और अगर वे पोस्टपेड में कन्वर्ट कराना चाहते है, तो वे वितरण कंपनी में आवेदन कर सकते हैं.
विभागीय स्तर पर सर्वर अपडेट करने का काम जारी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, समस्या तकनीकी कारणों से उत्पन्न हुई है. जेबीवीएनएल के जीएम अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि फिलहाल सर्वर में पोस्टपेड कनेक्शन का अलग विकल्प सक्रिय नहीं हो पाया है. इसी कारण नये आवेदन में केवल प्रीपेड विकल्प दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि जो उपभोक्ता नया कनेक्शन लेना चाहते हैं, वे अभी प्रीपेड में कनेक्शन ले सकते हैं. तकनीकी समस्या दूर होने के बाद उपभोक्ताओं के कनेक्शन को पोस्टपेड में परिवर्तित कर दिया जायेगा. विभागीय स्तर पर सर्वर अपडेट करने का काम जारी है.
इधर, उपभोक्ताओं की बढ़ती जा रही है चिंता
उपभोक्ताओं की चिंता लगातार बढ़ रही है. लोगों का कहना है कि प्रीपेड मीटर में बार-बार रिचार्ज की परेशानी रहती है और बैलेंस खत्म होते ही बिजली बाधित हो जाती है. बुजुर्ग और महिला उपभोक्ताओं को ऑनलाइन रिचार्ज में परेशानी होती है. कई लोगों को आशंका है कि बाद में पोस्टपेड में परिवर्तन की प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है. धनबाद के बिजली उपभोक्ता संगठनों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए जेबीवीएनएल से जल्द समाधान की मांग की है.
