डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बीच 21 अगस्त की रात हुई कथित फोन बातचीत का वायरल ऑडियो को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. विधायक पर थाना प्रभारी से अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए झारखंड पुलिस एसोसिएशन और झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है.
विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गयी है. मंगलवार को पुलिस लाइन में दोनों संगठनों की संयुक्त बैठक हुयी. इसमें मामले पर नाराजगी जताते हुए विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गयी.
बैठक में पुलिस एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष माे आफताब आलम, शाखा सचिव रजनीकांत, कोषाध्यक्ष नीलकमल लकड़ा, मेंस एसोसिएशन के रितेश कुमार, जोहार उरांव, मस्तमौला यादव, विपुल यादव समेत अन्य पदाधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद थे.
पुलिस का मनोबल प्रभावित करने वाला व्यवहार
एसोसिएशन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में विधायक के कथित व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जतायी गयी है. संगठन के अनुसार 21 अगस्त की रात बरवाअड्डा थाना प्रभारी और विधायक के बीच फोन पर बातचीत हुयी थी. आरोप है कि इस दौरान थाना प्रभारी के साथ गाली-गलौज की गयी और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया.
एसोसिएशन का आरोप है कि बातचीत में सरकार बदलने के बाद पुलिस पदाधिकारियों को सबक सिखाने और झारखंड के जिस थाने में रहने की बात कही गयी, जैसी बातें भी कही गयीं. पुलिस संगठनों ने इसे पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के सम्मान और मनोबल को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला बताया है.
जनप्रतिनिधि से ऐसी भाषा स्वीकार नहीं, 24 घंटे का अल्टीमेटम
एसोसिएशन ने कहा कि जनप्रतिनिधि लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. लेकिन, किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस पदाधिकारी या कर्मी के साथ गाली-गलौज या अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता.
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में माफी नहीं मांगी गयी और सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं हुई, तो धनबाद जिले के पुलिस पदाधिकारी और कर्मी आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे.
