धनबाद.
धनबाद रेलवे स्टेशन पर सोमवार को फिरोजपुर कैंट एक्सप्रेस में काफी भीड़ थी. यात्री बिना टिकट बोगी में प्रवेश कर जा रहे थे. आरपीएफ ने इन बोगियों से बिना टिकट यात्रियों को बाहर निकाला. उन्हें स्लीपर और जनरल क्लास में भेजा गया. धनबाद से फिरोजपुर कैंट जाने वाली ट्रेन गंगा सतलुज में सोमवार को काफी भीड़ थी. ट्रेन में चढ़ने के दौरान काफी भीड़ होने की वजह से मोहन नाम के एक वृद्ध धक्का-मुक्की में पटरी पर गिरते गिरते बचे. आरपीएफ जवानों ने उन्हें गिरने से बचाया. मोहन अपने परिवार के साथ पर जा रहे थे. भीड़ की वजह से उनके बेटे का हाथ उनके हाथ से छूट गया.भीड़ पर नियंत्रण के लिए की गयी विशेष व्यवस्था
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्टेशन के प्रवेश द्वार पर 20 टीटीइ को तैनात की गयी थी. हर गेट पर दो से तीन टीटीइ खड़ी थी. स्टेशन पर प्रवेश करने वाले यात्रियों के टिकट की जांच की जा रही थी. टिकट लेने वाले यात्रियों को ही स्टेशन पर प्रवेश कराया जा रहा था. टिकट के बिना प्रवेश नहीं होने पर जनरल टिकट काउंटर पर यात्रियों की भीड़ लगी रही. वहीं दूसरी ओर एटीवीएम के बाहर में लोग टिकट के लिए खड़े दिखे.
सिटी एसपी भी पहु्ंचे, दिये निर्देश
रेल एसपी के प्रभारी सिटी एसपी अजीत कुमार रात में धनबाद स्टेशन पहुंचे. रेल डीएसपी टू जय गोविंद प्रसाद गुप्ता साथ में स्टेशन का भ्रमण किये. इसी दौरान प्रभारी एसआरपी को ट्रैक पार कर लूप लाइन में खड़ी गंगा सतलज में सवार हो रहे यात्रियों पर नजर पड़ी. वह प्लेटफॉर्म संख्या दो पर उतर गये. इसके बाद प्लेटफॉर्म पर मौजूद जवानों को फटकार लगायी. रेल पुलिस के साथ ही आरपीएफ की टीम मौजूद थी. सभी को ट्रैक कोई भी पार नहीं करे, इसका ध्यान रखने को कहा गया. साथ ही एक जगह पर खड़ा रहने की जगह भ्रमण करते रहने को कहा.
जैप-5 देवघर से 25 जवानों को बुलाया गया
नयी दिल्ली स्टेशन पर हुई घटना के बाद यात्रियों की भीड़ काबू करने के लिए जैप-5 देवघर से 25 जवानों को धनबाद स्टेशन बुलाया गया है. सोमवार को जवानों के पहुंचने के बाद प्लेटफॉर्म संख्या दो-तीन पर इसकी तैनाती की गयी. आरपीएफ टीम माइक से अलाउंसमेंट कर रही थी. धैर्य बनाये रखने का आग्रह कर रही थी. लेकिन यात्रियों की भीड़ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी.
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