मनोहरटांड़ और एसएल टू श्रेणी के आवासों को तोड़ने के लिए निकाली गयी निविदा के विरोध में सिंदरी बचाओ सामूहिक मोर्चा तीन सितंबर को एफसीआइ प्रबंधन के अधिकारियों का पुतला दहन करेगा. मोर्चा ने पूरी टेंडर प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए आंदोलन की घोषणा की है. मोर्चा के अनुसार, तीन सितंबर को ही निविदा डालने की अंतिम तिथि है और इसी दिन निविदा खोली जानी है. विरोध प्रदर्शन के तहत मनोहरटांड़ से जुलूस निकाला जाएगा, जो रोहड़ाबांध आंबेडकर चौक पहुंचेगा. यहां एफसीआइ प्रबंधन के अधिकारियों का पुतला दहन किया जाएगा.
करीब 950 आवासों को तोड़ने का दावा
सिंदरी बचाओ सामूहिक मोर्चा की ओर से जारी विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि एफसीआइ प्रबंधन ने मनोहरटांड़ के लगभग 750 और एसएल टू श्रेणी के करीब 200 आवासों को तोड़ने के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी किया है. मोर्चा का कहना है कि दोनों श्रेणियों के मिलाकर करीब 950 आवासों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गयी है.
मोर्चा ने इस कार्रवाई को लेकर विरोध जताते हुए प्रबंधन से निविदा प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की है. हालांकि, एफसीआइ प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत पक्ष या टेंडर जारी करने के कारण की जानकारी उपलब्ध नहीं करायी गयी है.
तीन सितंबर को अंतिम तिथि, उसी दिन खुलेगी निविदा
मोर्चा के प्रवक्ता अरुण सिंह ने बताया कि ऑनलाइन निविदा की प्रक्रिया में तीन सितंबर को आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित है. इसी दिन निविदा खोले जाने की भी प्रक्रिया है. मोर्चा ने इसी दिन विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है.
अरुण सिंह के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया के खिलाफ मनोहरटांड़ से जुलूस निकाला जाएगा. जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए रोहड़ाबांध स्थित आंबेडकर चौक पहुंचेगा. वहां एफसीआइ प्रबंधन के अधिकारियों का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया जाएगा.
आवासों को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध
मनोहरटांड़ और एसएल टू क्षेत्र के आवासों को तोड़ने की प्रस्तावित प्रक्रिया को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध की स्थिति बन रही है. मोर्चा का कहना है कि आवासों को जमींदोज करने की प्रक्रिया के खिलाफ वह चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगा. इसके तहत पुतला दहन कार्यक्रम को विरोध की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है.
