तोपचांची प्रखंड के पावापुर में मलेरिया के दो मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है. मलेरिया की पुष्टि होने के बाद शुक्रवार को विभागीय टीम पावापुर पहुंची और दोनों मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली. मरीजों को मलेरिया की दवा उपलब्ध कराते हुए नियमित रूप से दवा लेने की सलाह दी गयी है. साथ ही, संक्रमण की आशंका वाले क्षेत्रों में मलेरिया रोधी दवा का छिड़काव कराया गया.
स्वास्थ्य विभाग आज शनिवार से पावापुर में विशेष स्क्रीनिंग अभियान शुरू करेगा. अभियान के दौरान बुखार या मलेरिया से जुड़े लक्षण वाले लोगों की पहचान कर उनकी जांच करायी जायेगी. संदिग्ध मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू करने की तैयारी भी विभाग की ओर से की गयी है.
दोनों मरीज एक ही गैराज में करते हैं काम
स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला कि मलेरिया से संक्रमित दोनों मरीज एक ही गैराज में काम करते हैं. दोनों के एक ही कार्यस्थल से जुड़े होने के कारण विभाग ने उनके घर के आसपास के साथ-साथ गैराज में भी विशेष सतर्कता बरती है.
शुक्रवार को पहुंची टीम ने मरीजों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और उनके संपर्क में रहने वाले स्थानों का जायजा लिया. इसके बाद मरीजों के घर के आसपास और संबंधित गैराज में मलेरिया रोधी दवा का छिड़काव कराया गया. विभाग अब आसपास के इलाके में संभावित अन्य मामलों की पहचान पर विशेष ध्यान दे रहा है.
आसपास के लोगों की होगी स्क्रीनिंग
शनिवार से शुरू होने वाले विशेष अभियान में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी जुटा सकते हैं. मलेरिया से संबंधित लक्षण मिलने पर संबंधित व्यक्ति की जांच करायी जायेगी. जांच में मलेरिया की पुष्टि होने पर विभागीय प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जायेगा.
दो मरीजों के एक ही गैराज में काम करने की जानकारी सामने आने के बाद कार्यस्थल से जुड़े अन्य लोगों की निगरानी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. विभाग का उद्देश्य शुरुआती स्तर पर संभावित मामलों की पहचान कर समय पर उपचार शुरू करना है.
मच्छरों से बचाव को लेकर किया जायेगा जागरूक
स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव के उपायों के बारे में भी जानकारी देगी. लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की जायेगी, क्योंकि जमा पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है. मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी के इस्तेमाल की सलाह भी दी जायेगी.
विभाग ने लगातार बुखार रहने या मलेरिया से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराने की सलाह दी है. शनिवार से शुरू होने वाला स्क्रीनिंग अभियान पावापुर और आसपास के क्षेत्र में संभावित मामलों की पहचान के लिए चलाया जायेगा.
