डाकघर विनियम-2026 लागू, स्थानीय पार्सल सस्ता तो दूसरे राज्यों में भेजना हुआ महंगा

डाक विभाग ने पार्सल और स्पीड पोस्ट की नई दरें लागू की हैं। अब स्थानीय पार्सल भेजना सस्ता हो गया है, जबकि दूसरे राज्यों के लिए शुल्क दोगुना कर दिया गया है।

एक अगस्त से डाक विभाग द्वारा डाकघर विनियम-2026 लागू कर दिया गया है. इसके साथ ही भारतीय डाक पार्सल और स्पीड पोस्ट पार्सल की नई दरें प्रभावी हो गई हैं. नई व्यवस्था के तहत स्थानीय स्तर पर पार्सल भेजना पहले की तुलना में सस्ता हो गया है, जबकि दूसरे राज्यों में पार्सल भेजने वाले व्यापारियों, ऑनलाइन विक्रेताओं और आम उपभोक्ताओं को अधिक शुल्क चुकाना होगा. डाक विभाग का दावा है कि नई दरों से स्थानीय ग्राहकों को राहत मिलेगी, वहीं पार्सल सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और व्यावसायिक बनाया जा सकेगा.

स्थानीय पार्सल पर राहत, अंतरराज्यीय पार्सल पर बढ़ा शुल्क

नई टैरिफ व्यवस्था के अनुसार स्थानीय स्तर पर पार्सल भेजने के लिए ग्राहकों को पहले की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत कम राशि देनी होगी. वहीं दूसरे राज्यों में पार्सल भेजने पर शुल्क में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है. कई श्रेणियों में यह बढ़ोतरी पहले की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है, जिससे अंतरराज्यीय व्यापार और ई-कॉमर्स से जुड़े ग्राहकों की लागत बढ़ेगी.

500 ग्राम तक के पार्सल की नई दरें लागू

डाक विभाग द्वारा जारी नई दरों के अनुसार 500 ग्राम तक का स्थानीय भारतीय डाक पार्सल 28 रुपये में भेजा जा सकेगा. राज्य के भीतर इसके लिए 65 रुपये, मेट्रो जोन के लिए 70 रुपये तथा अन्य राज्यों के लिए 72 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. वहीं स्पीड पोस्ट पार्सल की दरों में भी बदलाव किया गया है. पहले 500 ग्राम तक का स्पीड पोस्ट पार्सल देश के किसी भी हिस्से में 36 रुपये में भेजा जाता था, लेकिन अब दूसरे राज्यों के लिए इसकी दरों में 100 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। विभिन्न भार वर्गों के लिए भी नई दरें लागू कर दी गई हैं.

शुरू हुई ‘इंडिया पोस्ट पार्सल लास्ट माइल’ सेवा

डाक विभाग ने पहली बार थोक एवं कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए ‘इंडिया पोस्ट पार्सल लास्ट माइल’ सेवा शुरू की है. इस सेवा के तहत पार्सल डिलीवरी कार्यालय, पार्सल हब अथवा पार्सल प्रोसेसिंग सेंटर से बुकिंग कराई जा सकेगी. दो किलोग्राम तक के पार्सल पर 15 रुपये तथा दो से पांच किलोग्राम तक के पार्सल पर 20 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. वहीं पार्सल हब या प्रोसेसिंग सेंटर से बुकिंग कराने पर क्रमशः 22 रुपये और 35 रुपये शुल्क देना होगा.

पांच किलो तक के पार्सल होंगे स्वीकार

नई सेवा के तहत अधिकतम पांच किलोग्राम तक के पार्सल स्वीकार किए जाएंगे. ग्राहकों को डिलीवरी प्रमाण, बीमा, कैश ऑन डिलीवरी (सीओडी) समेत अन्य मूल्यवर्धित सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी. हालांकि इन सभी सेवाओं पर लागू जीएसटी अलग से देय होगा.

व्यापारियों और ऑनलाइन विक्रेताओं पर पड़ेगा असर

नई दरों का सबसे अधिक असर दूसरे राज्यों में सामान भेजने वाले व्यापारियों, ई-कॉमर्स विक्रेताओं और नियमित पार्सल सेवा उपयोगकर्ताओं पर पड़ने की संभावना है. वहीं स्थानीय स्तर पर पार्सल भेजने वाले ग्राहकों को कम शुल्क का लाभ मिलेगा. डाक विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से पार्सल सेवाओं की गुणवत्ता और वितरण प्रणाली को और बेहतर बनाया जा सकेगा.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shobhit ranjan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >