देशव्यापी हड़ताल को लेकर श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने व्यापक रणनीति बनायी है. यूनियनें कंपनी मुख्यालय से लेकर एरिया व कोलियरी स्तर पर लगातार मीटिंग कर तैयारी की समीक्षा कर रही हैं. मोर्चा के नेता व आरसीएमयू के महामंत्री एके झा ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) को छोड़ लगभग सभी प्रमुख केंद्रीय और क्षेत्रीय श्रमिक संगठन हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि संयुक्त मोर्चा मंगलवार को हड़ताल की रूपरेखा, अपनी मांगों और रणनीति को स्पष्ट करेगा. इस बीच, धनबाद जैसे खनन क्षेत्र में देश के अन्य इलाकों की तुलना में औद्योगिक हड़ताल का असर कहीं अधिक देखने को मिल सकता है. कोयला उद्योग के जानकारों का मानना है कि यदि बीसीसीएल में खदानों का संचालन ठप होता है, तो कोयला उत्पादन और डिस्पैच पर सीधा असर पड़ेगा. इससे बिजली उत्पादन और औद्योगिक इकाइयों की आपूर्ति शृंखला भी प्रभावित हो सकती है.
जिला प्रशासन भी सतर्क
इस बीच, हड़ताल को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क है. विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती की योजना बनायी जा रही है. वहीं बीसीसीएल प्रबंधन अपने स्तर पर संभावित हड़ताल से निबटने की योजना पर काम कर रहा है. सूत्रों के अनुसार, आवश्यक सेवाएं चालू रखने, वैकल्पिक अधिकारियों की तैनाती और न्यूनतम उत्पादन बनाये रखने पर फोकस किया जा रहा है. मुख्यालय से लेकर एरिया स्तर पर कंट्रोल रूम का संचालन शुरू किया गया है.
