Jharkhand Train News, धनबाद, (बेंक्टेश शर्मा की रिपोर्ट): गोड्डा-रांची एक्सप्रेस में रेलकर्मी बनकर मुफ्त यात्रा करने की कोशिश कर रहे एक यात्री को ड्यूटी पर तैनात सजग रेल अधिकारी ने पकड़ लिया. धनबाद रेल मंडल के टीटीआई (TTI) जॉर्ज बारला ने टिकट जांच के दौरान न केवल इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया, बल्कि नियम विरुद्ध यात्रा करने के आरोप में यात्री से जुर्माना भी वसूला.
सर्तकता निरीक्षक बनकर जमा रहा था धौंस
जानकारी के अनुसार, टीटीआई जॉर्ज बारला गोड्डा-रांची एक्सप्रेस के बी-1 (B-1) कोच में टिकटों की जांच कर रहे थे. बर्थ संख्या 5 पर बैठे एक यात्री से जब उन्होंने टिकट मांगा, तो उसने टिकट दिखाने के बजाय अपना परिचय पूर्व मध्य रेल, मुख्यालय हाजीपुर के ‘सतर्कता निरीक्षक’ (Vigilance Inspector) के रूप में दिया. उसने अपना नाम नागमणि शर्मा बताया और कहा कि वह भागलपुर से रांची जा रहा है.
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बातचीत से खुला फर्जीवाड़े का राज
यात्री की संदिग्ध गतिविधियों और बातचीत के लहजे को भांपते हुए टीटीआई को शक हुआ. उन्होंने तुरंत अपने सहकर्मियों की मदद से हाजीपुर मुख्यालय के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें नागमणि शर्मा नाम का कोई भी सतर्कता निरीक्षक कार्यरत नहीं पाया गया. जब टीटीआई ने सख्ती दिखाते हुए पहचान पत्र (Identity Card) मांगा, तो यात्री आनाकानी करने लगा.
आधार कार्ड से खुली पोल, वसूला 1336 रुपये जुर्माना
रेलवे पुलिस को सौंपने की चेतावनी मिलने के बाद यात्री ने अपना पहचान पत्र दिखाया. जांच में उसके आधार कार्ड पर नाम ‘नागमणि कुमार’ पाया गया, जो उसके द्वारा बताए गए नाम से अलग था. फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद यात्री ने कोच छोड़ने की कोशिश की, लेकिन टीटीआई ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उससे 1336 रुपये का जुर्माना वसूला. जुर्माना भरने के बाद उसे उसी कोच की बर्थ संख्या 19 आवंटित की गई.
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