बीसीसीएल पूर्वी झरिया क्षेत्र की भौंरा सी-2 पैच आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तारीकरण के लिए भौंरा-जहाजटांड़ मुख्य मार्ग काटे जाने के विरोध में ग्रामीणों का धरना मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा. आंदोलन के कारण परियोजना के काम अलावे कोयला ट्रांसपोर्टिंग लगातार चौथे दिन ठप रही. जहाजटांड़ बस्ती वालों के समर्थन में भौंरा बाजार के व्यवसायी, स्थानीय ग्रामीण और आसपास के मोहल्लों के लोग परियोजना के ट्रांसफार्मर घर के समीप धरने पर बैठे हैं.
मार्ग को लेकर विरोध जारी
मंगलवार सुबह एबीएनएस कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी रवि कुमार भौंरा ओपी प्रभारी संतोष कुमार के साथ धरना स्थल पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर परियोजना का काम शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे.
ग्रामीण पहले काटे गये पुराने भौंरा-जहाजटांड़ मार्ग को दुरुस्त कर आवागमन के लिए चालू करने की मांग पर अड़े रहे. कहा मार्ग देने के बाद ही परियोजना का काम शुरू होने दिया जाएगा. ग्रामीणों का रुख देख परियोजना पदाधिकारी को लौटना पड़ा. इससे प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच गतिरोध बरकरार है.
सुरक्षा बढ़ी, जिला से लाये गये पुलिस बल-सीआइएसएफ तैनात
धरना स्थल पर विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है. जिला से आये अतिरिक्त पुलिस बल के महिला-पुरुष जवानों के साथ बड़ी संख्या में सीआइएसएफ जवानों की तैनाती की गयी है. पुलिस लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर रख रही है.
ग्रामीण वैकल्पिक मार्ग को सुरक्षित नहीं मानते
ग्रामीणों का कहना है कि पुराने रास्ते को बंद कर वैकल्पिक मार्ग से आवागमन सुरक्षित नहीं है. जब तक पुराने मार्ग को दुरुस्त कर चालू नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा. वहीं, चार दिनों से उत्पादन कार्य और कोयला परिवहन प्रभावित होने से परियोजना प्रबंधन के सामने गतिरोध समाप्त कराने की चुनौती बढ़ गयी है.
