धनबाद. भारत में कोयले की खपत आने वाले समय में बढ़ने की संभावना है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026 तक देश में कोयले की खपत करीब 4.2% बढ़ सकती है. बिजली की बढ़ती मांग और ऊर्जा क्षेत्र में कोयले के लगातार इस्तेमाल को इसके प्रमुख कारणों में माना जा रहा है.
वैश्विक ऊर्जा बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों के बीच कोयला आधारित बिजली उत्पादन कई देशों के लिए अब भी महत्वपूर्ण विकल्प बना हुआ है. ऐसे में आने वाले समय में कोयले की मांग में अपेक्षित गिरावट के बजाय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
वैश्विक स्तर पर भी बढ़ेगी कोयले की मांग
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आइइए) की हालिया रिपोर्ट में 2026 तक वैश्विक स्तर पर कोयले की मांग में एक बार फिर बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है. एजेंसी के अनुसार, वैश्विक कोयले की मांग करीब 1.2% बढ़कर रिकॉर्ड 8.94 अरब टन तक पहुंच सकती है.
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रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राकृतिक गैस की ऊंची कीमतों, भू-राजनीतिक परिस्थितियों और मौसम से जुड़े कारकों के कारण कोयला आधारित बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है. इससे वैश्विक कोयला मांग में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है.
पहले के अनुमान से अलग है आइइए का पूर्वानुमान
आइइए का यह अनुमान उसके पहले के पूर्वानुमानों से अलग है. पहले वैश्विक स्तर पर कोयले की मांग में कमी आने की उम्मीद जतायी जा रही थी, लेकिन ऊर्जा बाजार की मौजूदा परिस्थितियों के कारण अब मांग बढ़ने का अनुमान सामने आया है.
