Dhanbad News: आइआइटी आइएसएम के छात्रों की बड़ी छलांग, देश के टॉप सेमीकंडक्टर प्रोग्राम में हुआ चयन
Dhanbad News: एमपीडब्ल्यू चिप टेप-आउट के लिए पांच लाख तक की मिलेगी फंडिंग
By OM PRAKASH RAWANI | Updated at :
Dhanbad News: एमपीडब्ल्यू चिप टेप-आउट के लिए पांच लाख तक की मिलेगी फंडिंग
Dhanbad News: आइआइटी आइएसएम के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. संस्थान की टीम वीएलएसआइएसएम को देशभर की सैकड़ों टीमों में से चयनित टॉप 37 टीमों में जगह मिली है. इस टीम का चयन वीएलएसआइ सोसाइटी ऑफ इंडिया के अत्यंत प्रतिष्ठित आइटीओपीएस (प्रत्येक छात्र के लिए एक टेप-आउट) सेमीकंडक्टर प्रोग्राम के लिए किया गया है, जिसका उद्देश्य भारत में इंडस्ट्री-रेडी चिप डिजाइन टैलेंट तैयार करना है. इस प्रोग्राम के तहत वीएसआइ की ओर से टीम को एमपीडब्ल्यू चिप टेप-आउट के लिए 5 लाख तक की फंडिंग दी जाएगी, जिससे छात्र अपने डिजाइन को वास्तविक सिलिकॉन चिप के रूप में विकसित कर सकेंगे.
रोबोटिक्स और ड्रोन के लिए बनेगा स्वदेशी एसओसी
आइआइटी आइएसएम धनबाद की टीम 65 नैनोमीटर टेक्नोलॉजी पर आधारित एक लो-पावर और लो-एरिया एसओसी डिजाइन कर रही है. यह एसओसी विशेष रूप से रोबोटिक्स और ड्रोन एप्लिकेशन के लिए विकसित किया जा रहा है.
आत्मनिर्भर भारत के विजन से जुड़ा प्रोजेक्ट
यह परियोजना इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप है, जो देश में सेमीकंडक्टर डिजाइन और निर्माण को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बेहतर कदम माना जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, छात्रों द्वारा किया जाने वाला यह टेप-आउट उन्हें इंडस्ट्री-लेवल चिप डिजाइन का व्यावहारिक अनुभव देगा.
अकादमिक और इंडस्ट्री मार्गदर्शन का मिला संबल
टीम को संस्थान से प्रो राजीव कुमार रंजन का अकादमिक मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है. वहीं, इंडस्ट्री मेंटर के रूप में श्री सुमित कुमार, सीनियर मैनेजर, डिजाइन वेरिफिकेशन इंजीनियरिंग, एनालॉग डिवाइस टीम से जुड़े हैं, उन्हें सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. संस्थान की ओर से डॉ. सत्य गुप्ता, सीईओ, वीएसआइ और उनकी पूरी टीम को आइटीओपीएस पहल के माध्यम से भारत में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने के लिए धन्यवाद दिया गया.