Dhanbad News: संवाददाता, धनबाद. झारखंड शिक्षा परियोजना, धनबाद की ओर से जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा सत्र 2026-27 की तैयारी को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं. पत्र में कहा गया है कि पिछले सत्र 2025-26 में परीक्षा परिणाम में सुधार तो हुआ, लेकिन अपेक्षित उपलब्धि हासिल नहीं हो सकी. इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार तैयारी को और मजबूत एवं व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है. पिछले वर्ष प्री-बोर्ड परीक्षा, रेल परीक्षा, वीडियो कॉल के माध्यम से अनुश्रवण और अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग जैसे प्रयास किये गये थे. इस बार भी इन कार्यक्रमों को जारी रखते हुए कक्षा 8वीं, 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने की योजना बनायी गयी है. विभाग की ओर से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शिक्षकों को मार्गदर्शन दिया जायेगा.
कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शिक्षण एवं पीयर लर्निंग की व्यवस्था :
विद्यालयों को समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने, पुनरावृत्ति और अभ्यास पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है. कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शिक्षण एवं पीयर लर्निंग की व्यवस्था करने को कहा गया है.
जहां शिक्षक कम, वहां ऑनलाइन होगी पढ़ाई :
विषयवार शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों को ऑनलाइन माध्यमों जैसे ई-विद्या, दीक्षा पोर्टल और पीडीएफ सामग्री का उपयोग करना है. वहीं जिन विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं, वहां बेहतर परिणाम लाने की जिम्मेदारी और बढ़ा दी गयी है. जे-गुरुजी एप्प के माध्यम से मॉडल उत्तर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि विद्यार्थी सही तरीके से तैयारी कर सकें.
हर माह ऑनलाइन बैठक में शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा :
विद्यालयों में साप्ताहिक विच्छेदित पाठ्यक्रम, घंटी व्यवस्था, साफ-सफाई और आकर्षक शैक्षणिक वातावरण बनाने पर भी जोर दिया गया है. इसके अलावा प्रत्येक माह के पहले कार्य दिवस पर सुबह 10:15 बजे डीइओ ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा, जिसमें प्रधानाध्यापक, शिक्षक और विभागीय अधिकारी शामिल होंगे. इस कार्यक्रम में शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा, आगामी योजनाओं की जानकारी और समस्याओं के समाधान पर चर्चा होगी.
जिला स्तर पर टीम करेगी मॉनिटरिंग :
जिला स्तर पर ऑनलाइन और ऑफलाइन अनुश्रवण की व्यवस्था भी की गयी है. अधिकारियों द्वारा समय-समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और क्षेत्र भ्रमण के माध्यम से विद्यालयों की निगरानी की जायेगी तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों से फीडबैक लिया जायेगा.