पूर्वी टुंडी के बरवाटांड़ मौजा संख्या-256 में वन विभाग की 18.40 एकड़ जमीन में से 1.65 एकड़ रकबा ऑनलाइन पंजी-II में कम दर्ज होने का मामला सामने आया है. हैरानी की बात यह है कि अंचल स्तर पर जांच के बावजूद यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उक्त रकबा कब, किस प्रक्रिया के तहत और किस अधिकारी की आईडी से कम किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है और अपर समाहर्ता (एसी) से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है.
खतियान और पंजी-II में मिला अंतर
पूर्वी टुंडी के अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल द्वारा 24 मार्च 2026 को सौंपे गये जांच प्रतिवेदन के अनुसार, बरवाटांड़ मौजा संख्या-256 के पुराने खाता संख्या-06 एवं प्लॉट संख्या-70 का कुल रकबा 27.10 एकड़ था. वर्तमान रिकॉर्ड में यह जमीन हाल खाता संख्या-25 और हाल प्लॉट संख्या-267 के तहत 18.40 एकड़ जंगल के रूप में दर्ज है.
जांच में पाया गया कि ऑनलाइन खतियान में उक्त प्लॉट का रकबा 18.40 एकड़ दर्ज है, जबकि ऑनलाइन पंजी-II के भाग-1, पृष्ठ संख्या-25 में इसी प्लॉट का रकबा 16.75 एकड़ अंकित है. इस प्रकार दोनों रिकॉर्ड में 1.65 एकड़ का अंतर सामने आया है.
स्थलीय जांच में वन भूमि होने की पुष्टि
राजस्व उप निरीक्षक, अंचल निरीक्षक और अंचल अमीन की संयुक्त जांच में संबंधित भूमि पर वन विभाग के पिलर और जंगली पेड़-पौधे मिले. जमीन परती अवस्था में पायी गयी. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि मौके की स्थिति और ऑनलाइन खतियान दोनों वन भूमि के रिकॉर्ड से मेल खाते हैं.
किसकी आईडी से घटा रकबा, नहीं चला पता
अंचल अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड और लॉगिन आईडी के अवलोकन से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि 1.65 एकड़ रकबा किस राजस्व उप निरीक्षक, अंचल निरीक्षक या अंचल अधिकारी की आईडी से कम किया गया. रिपोर्ट में इस मामले की तकनीकी जांच अपर समाहर्ता कार्यालय अथवा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के स्तर से कराने की अनुशंसा की गयी है.
वन भूमि हड़पने के प्रयास का मामला दर्ज
इस प्रकरण से संबंधित मामला पूर्वी टुंडी थाना कांड संख्या-11/2025 के तहत पांच मार्च 2025 को दर्ज किया गया था. वनरक्षी मनोज कुमार राय की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में जाली दस्तावेज तैयार कर वन भूमि पर कब्जा करने के प्रयास का आरोप लगाया गया है. मामले में मनोज कुमार पंडित, जकीर अंसारी और नीरज कुमार को नामजद आरोपी बनाया गया है.
पुलिस ने मांगा पूरा रिकॉर्ड
मामले के अनुसंधानकर्ता जगदीश प्रसाद ने 31 जुलाई 2026 को अपर समाहर्ता, धनबाद को पत्र भेजकर 1.65 एकड़ रकबा कम होने से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी है. पुलिस ने पूछा है कि संबंधित भूमि का रकबा किस अधिकारी की आईडी से, किस तिथि को और किस प्रक्रिया के तहत कम किया गया. पुलिस का कहना है कि मामले के अनुसंधान और आगे की कार्रवाई के लिए यह जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण है.
मामले में प्रशासनिक स्तर पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है. वन विभाग की शिकायत के बाद तत्कालीन जांच के आधार पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने एक कर्मचारी को निलंबित भी किया था. अब पुलिस जांच के बाद पूरे मामले में नई जानकारियां सामने आने की उम्मीद है.
