Dhanbad News: फैटी लीवर एक साइलेंट खतरा, इस पर समय रहते दें ध्यान

प्रभात खबर ऑनलाइन मेडिकल काउंसेलिंग में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ वर्षा विश्वकर्मा ने दी सलाह

बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण पेट से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. समय रहते इन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. फैटी लीवर एक साइलेंट डिजीज है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर सामने नहीं आते, लेकिन आगे चलकर लीवर में सूजन, सिरोसिस और लीवर फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है. इससे बचाव के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तली-भुनी और अधिक वसायुक्त चीजों से परहेज तथा शराब के सेवन से दूरी बनाये रखें. नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं और पेट से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें.

ये सुझाव शुक्रवार को प्रभात खबर की ओर से आयोजित ऑनलाइन मेडिकल काउंसलिंग में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ वर्षा विश्वकर्मा ने दिये. इस दौरान लोगों ने पेट से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर सवाल पूछे.

बोकारो से राधेश्याम ने पूछा :

सुबह पेट में हल्का दर्द रहता है.

डॉक्टर: समस्या की सही पहचान के लिए पेट का अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी है. इसके लिए गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

बैंकमोड़ से श्रुति ने पूछा :

ज्यादा खाने पर गैस बनती है.

डाॅक्टर : सबसे पहले खान-पान और जीवनशैली में बदलाव करें. बाहर के भोजन से परहेज करें. समस्या बनी रहे तो विशेषज्ञ से परामर्श लें.

धनबाद से रश्मि झा ने पूछा :

बार-बार मोशन लगता है और तला-भुना खाने से पेट फूल जाता है.

डॉक्टर : खान-पान की आदतों में सुधार करें, घर का बना भोजन करें और नियमित व्यायाम करें.

हीरापुर से सुपर्णा गांगुली ने पूछा :

लंबे समय से गैस की समस्या है, दवा चल रही है. कितने दिनों तक दवा खानी होगी?

डॉक्टर: कई मामलों में समस्या जटिल होती है. सटीक निदान के लिए जांच आवश्यक है. गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट चिकित्सक से संपर्क करें.

भिस्तीपाड़ा से आकांक्षा ने पूछा :

गैस के साथ पेट में दर्द और जलन रहती है.

डॉक्टर : तला-भुना और मसालेदार भोजन बंद करें, ताजा तेल का उपयोग करें और नियमित व्यायाम करें. समस्या बनी रहने पर चिकित्सक से परामर्श लें.

गिरिडीह से मनौवर हुसैन ने पूछा :

लंबे समय से कब्ज है, कुछ भी खाने पर मोशन लग जाता है.

डॉक्टर : यूएसजी और कुछ रक्त जांच जरूरी हैं. जांच के बाद ही सही इलाज संभव है. संभव हो तो गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट से परामर्श करें.

जामताड़ा से साबिर हुसैन ने पूछा :

कब्ज की समस्या रहती है. तीन-चार दिन पर मोशन होता है.

डॉक्टर : कब्ज की समस्या के लिए कुछ दवा ले सकते हैं. दो दिन से ज्यादा समय तक मोशन नहीं होने पर चिकित्सक से परामर्श करें.

बोकारो से अक्षत ने पूछा :

पेट के दाहिने हिस्से में दर्द और खिंचाव रहता है.

डॉक्टर : यह फैटी लीवर का संकेत हो सकता है. पुष्टि के लिए अल्ट्रासाउंड कराएं.

चंदनकियारी से गोपाल चंद्र दास ने पूछा :

दिन में तीन-चार बार मोशन लगता है, यह कोई गंभीर समस्या तो नहीं?

डॉक्टर : यह कोई गंभीर समस्या नहीं है. पेट से जुड़ी अन्य समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श कर सकते हैं.

धैया मंडल बस्ती से सुदाम चंद्र मंडल ने पूछा :

हर्ट के मरीज हैं, रात को मोशन लगने की समस्या है?

डॉक्टर : यह गंभीर समस्या हो सकती है. गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट से परामर्श लें.

राजधनवार से नंदलाल शर्मा ने पूछा :

कब्ज की समस्या से परेशान हैं, कुछ भी खाने पर पेट में गैस बनता है.

डॉक्टर : यूएसजी समेत कुछ ब्लड टेस्ट कराना होगा. इसके लिए गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

पेट की बीमारियों से बचाव के लिए क्या करें

संतुलित और स्वच्छ भोजन करें. ताजा, घर का बना और हल्का आहार लें. हरी सब्जियां, फल, दालें और फाइबर युक्त भोजन शामिल करें. पर्याप्त पानी पियें, समय पर भोजन करें और रोज कम से कम 30 मिनट टहलें या योग करें. दही, छाछ का सेवन करें और शौच की आदत नियमित रखें.

क्या न करें

बासी, खुले में बिकने वाले और अधिक तले-भुने भोजन से बचें. फास्ट फूड, शराब, सिगरेट, गुटखा और कोल्ड ड्रिंक का सेवन न करें. अनावश्यक दवाओं का प्रयोग न करें. बार-बार पेट दर्द, जलन, दस्त, कब्ज, उल्टी, काला मल या वजन तेजी से घटने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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By ASHOK KUMAR

ASHOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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